भोपाल में पेड़ों की कटाई के मामले में दिल्ली NGT में होगी सुनवाई, पूरे देश के लिए तैयार की जाएगी नीति

जस्टिस शिव कुमार सिंह और विशेषज्ञ सदस्य सुधीर कुमार चतुर्वेदी की पीठ ने मामले पर सुनवाई की. इस दौरान पीठ ने कहा कि आर्थिक विकास और हाईवे के निर्माण के लिए पेड़ों की कटाई को कंट्रोल करने के लिए पूरे देश में एक सामन नीति की जरूरत है.
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Bhopal tree cutting: भोपाल में अयोध्या बायपास परियोजना से जुड़े पेड़ों की कटाई के मामले में एनजीटी ने बड़ा फैसला लिया है. अब केस को दिल्ली ट्रांसफर किया गया है. नितिन सक्सेना बनाम एनएचएआई(NHAI) मामले में अब दिल्ली एनजीटी में सुनवाई की जाएगी. दिल्ली एनजीटी अब भोपाल ही नहीं बल्कि बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई के मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर देखेगा.

पूरे देश के लिए समान नीति की जरूरत

जस्टिस शिव कुमार सिंह और विशेषज्ञ सदस्य सुधीर कुमार चतुर्वेदी की पीठ ने मामले पर सुनवाई की. इस दौरान पीठ ने कहा कि आर्थिक विकास और हाईवे के निर्माण के लिए पेड़ों की कटाई को कंट्रोल करने के लिए पूरे देश में एक सामन नीति की जरूरत है. अब आर्थिक विकास के नाम पर बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई के मुद्दे को अब राष्ट्रीय स्तर पर देखा जाएगा, ताकि पूरे देश के लिए एक ठोस नीति तैयार की जा सके.

पेड़ों का संरक्षण जनहित में जरूरी

अधिकरण ने माना कि ये पेड़ स्थानीय निवासियों के लिए फेफड़ों का का काम करते हैं. इसलिए इनका संरक्षण जनहित के लिए जरूरी है. आदेश में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के उस निर्देश को भी
दोहराया गया, जिसमें प्रदेश में पेड़ों की कटाई के लिए एनजीटी द्वारा गठित समिति की पूर्व अनुमति जरूरी है.

8 से 12 हजार पेड़ों की कटाई का मामला

पूरा मामला भोपाल में आसाराम तिराहा, करोंद से रत्नागिरी तिराहा के बीच 16 किलोमीटर लंबी 10- लेन सड़क का है. यहां पर सड़क निर्माण के लिए 8 से 12 हजार पेड़ों की कटाई को लेकर रोक लगाई गई है.

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