Indore: इंदौर को मिलेगा इस साल डबलडेकर फ्लाईओवर, सिग्नल फ्री रहेंगे चौराहे, यात्रियों को मिलेगी जाम से राहत

Indore: इंदौर के बाणगंगा से सांवेर की तरफ जाने के लिए बन रहा डबलडेकर ब्रिज का काम अब लगभग पूरा ही हो गया है. इससे लोगों को जाम से राहत
Double Decker Bridge Indore

डबल डेकर ब्रिज इंदौर

Indore News: इंदौर के लोगों को जल्‍द ही जाम से राहत मिलने वाली है. बाणगंगा से सांवेर की तरफ जाने के लिए बन रहा डबलडेकर ब्रिज का काम अब लगभग पूरा ही हो गया है. बताया जा रहा है कि ब्रिज का 80 प्रतिशत काम पूरा हो गया है और आने वाले कुछ महीनों में जल्‍द ही बाकी का बचा हुआ काम भी पूरा हो जाएगा. शहर में बन रहे इस डबलडेकर ब्रिज के बनने से लगभग 1 लाख वाहनों को फायदा होने वाला है. बिना ट्रैफिक में फंसे गाड़‍ियां अपने गंतव्‍य तक जा पाएंगी. 1.5 किमी लंबे इस ब्रिज को 300 करोड़ रुपये की लागत के साथ तैयार किया जा रहा है.

ब्रिज का 80 प्रतिशत काम हुआ पूरा

शहर के अरबिंदो की तरफ ब्रिज की ढलान नजर आने लगी है. ब्रिज का आकार नजर आने लग गया है. ब्रिज पर गर्डर लॉन्चिंग का काम भी पूरा होता हुआ नजर आ रहा है. ब्रिज के सेंटर में गर्डर लॉन्चिंग का काम फिलहाल अभी बाकी है. स्‍काटिंग लग चुकी है डामर से ट्रैक बनाने का काम चल रहा है. ये ब्रिज जब एक बार पूरी तरह से तैयार हो जाएगा तो इससे ना केवल ट्रैफिक से छुटकारा मिलेगा बल्कि ये एरिया सिग्नल फ्री होने के साथ ही एक्सीडेंट से भी फ्री होगा.

जून तक हो जाएगा ब्रिज का काम पूरा

इस ब्रिज के बन जाने के बाद इसके सौंदर्यीकरण पर ध्‍यान दिया जाएगा. ब्रिज पर स्‍ट्रीट लाइट लगेगी, रंगाई पुताई होगी, ब्रिज पर पानी जमा ना हो इसके लिए बारिश के पानी को जमीन में उतारने की भी व्‍यवस्‍था की जाएगी. बताया जा रहा है कि इन सभी कामों को जून तक पूरा कर लिया जाएगा. 70 मीटर की ऊंचाई पर बन रहे इस ब्रीज को 300 करोड़ की लागत से बनाया जा रहा है. जिसकी लंबाई डेढ़ किमी है.

यात्रियों को मिलेगी बेहतर सुविधा

शहर में यात्रियों को बेहतर सुविधा देने के लिए इस ब्रिज को ध्‍यान में रखकर बनाया जा रहा है. बारिश का पानी ब्रिज पर न रूक सके इसके लिए दोनो तरफ की ढलानों के कुछ हिस्‍सों में डामर से मैस्टिक की जाएगी, जिससे बारिश का पानी ब्रिज को खराब न कर सके. इस ब्रिज के निर्माण से इंदौर भंवरकुआं, खजराना, फूटीकोठी के बाद लवकुश चौराहा भी सिग्नल फ्री हो जाएगा. इससे शहर का यातायात सुगम होगा और गाड़‍ियाें की लंबी कतार से लोगों को राहत मिलेगी.

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