MP News: ई-अटेंडेंस एप का सर्वर हुआ फेल, हाजिरी के लिए छत पर चढ़े शिक्षक, 3 हजार टीचर नहीं लगा पाए अटेंडेंस

MP News: स्कूल पहुंचते ही मोबाइल पर हाजिरी लगाने की कोशिश में जुटा शिक्षकीय स्टाफ नेटवर्क टटोलते, मोबाइल बंद-चालू करते, डाटा बैलेंस जांचते और इंटरनेट स्पीड परखते नजर आया.
The e-attendance app server has failed

ई-अटेंडेंस एप का सर्वर हुआ फेल

रिपोर्ट – प्रशांत सिंह परिहार

MP News: मध्‍य प्रदेश के सतना में शिक्षा विभाग द्वारा संचालित हमारे शिक्षक एप में गुरुवार सुबह तकनीकी गड़बड़ी के चलते ई-हाजिरी प्रणाली पूरी तरह चरमरा गई. एप में लॉगिन, लॉग-आउट और उपस्थिति दर्ज न होने जैसी समस्या से शिक्षक, अतिथि शिक्षक, प्राचार्य और प्रधानाध्यापक तक परेशान दिखाई दिए. स्कूल पहुंचते ही मोबाइल पर हाजिरी लगाने की कोशिश में जुटा शिक्षकीय स्टाफ नेटवर्क टटोलते, मोबाइल बंद-चालू करते, डाटा बैलेंस जांचते और इंटरनेट स्पीड परखते नजर आया.

कई यूज़र्स हुए प्रभावित

कई शिक्षकों ने सहकर्मियों को फोन कर समस्या साझा की तो पता चला कि त्रुटि किसी एक तक सीमित नहीं, बल्कि सामूहिक रूप से सभी यूज़र्स को प्रभावित कर रही थी. सबसे बड़ी विडंबना यह रही कि लॉगिन सफल होने के बाद भी एप लगातार अबसेंट स्टेटस दिखा रहा था. वहीं, स्क्रीन पर एरर-402, 502 जैसे कोड बार-बार उभरते रहे, जिससे उपस्थिति दर्ज कराना असंभव हो गया.

शिक्षकों ने आज़माए नेटवर्क के लिए कई तरह के पैंतरे

सुबह 10 बजे की अनिवार्य समय-सीमा के दबाव में शिक्षकों ने हर संभव जुगाड़ आज़माया. कोई स्कूल की बाउंड्री पर चढ़कर नेटवर्क तलाशता दिखा तो कोई छत तक पहुंच गया, फिर भी सिस्टम ने साथ नहीं दिया. ग्रामीण क्षेत्रों में यह समस्या और गंभीर रही. सतना के दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र परसमनिया और मैहर जिले के रामनगर कस्बे में सबसे अधिक शिकायतें दर्ज हुईं, जहां खासकर अतिथि शिक्षक इस आशंका से घिर गए कि कहीं ड्यूटी पर मौजूद रहने के बावजूद उनकी उपस्थिति सिस्टम में अनुपस्थित न दर्ज हो जाए.

3,896 शिक्षक एप में हाजिरी दर्ज नहीं कर सके

जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, सतना और मैहर जिले के कुल 3,896 शिक्षक एप में हाजिरी दर्ज नहीं कर सके. इनमें सतना के 3,014 और मैहर के 882 शिक्षक शामिल हैं. सतना में 2,081 नियमित शिक्षक, 211 अतिथि शिक्षक और 722 प्राचार्य/प्रधानाध्यापक प्रभावित हुए, जबकि मैहर में 594 शिक्षक, 94 अतिथि शिक्षक और 194 प्राचार्य/प्रधानाध्यापक उपस्थिति दर्ज नहीं कर पाए. विभागीय स्तर पर त्रुटि सुधार के प्रयास जारी हैं, लेकिन इस घटना ने डिजिटल हाजिरी प्रणाली की विश्वसनीयता पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं.

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