Indore News: इंदौर में दशहरे पर होगा राजा रघुवंशी के भाई सचिन रघुवंशी का पुतला दहन, जानें पूरा मामला

Indore News: जांगड़ा समाज की एक युवती ने आरोप लगाया था कि सचिन रघुवंशी ने शादी का झांसा देकर उसके साथ दुष्कर्म किया. इस मामले में युवती सचिन से गर्भवती हो गई और बाद में उसने बेटे को जन्म दिया.
Sachin Raghuvanshi

सचिन रघुवंशी

Indore News: इंदौर श‍हर में दशहरे के मौके पर इस बार अनोखा पुतला दहन देखने को मिलेगा. जांगड़ा समाज ने फैसला लिया है कि वह राजा रघुवंशी के भाई सचिन रघुवंशी का पुतला रावण के प्रतीक रूप में जलाया जाएगा. आयोजन के लिए पुलिस से भी अनुमति ले ली गई है और यह पुतला दहन मुसाखेड़ी चौराहे पर किया जाएगा.

सचिन रघुवंशी पर युवती ने लगाए थे आरोप

दरअसल, जांगड़ा समाज की एक युवती ने आरोप लगाया था कि सचिन रघुवंशी ने शादी का झांसा देकर उसके साथ दुष्कर्म किया. इस मामले में युवती सचिन से गर्भवती हो गई और बाद में उसने बेटे को जन्म दिया. आरोप है कि बेटे के जन्म के बाद भी सचिन ने पीड़िता से दूरी बना ली और जिम्मेदारी लेने से इनकार कर दिया.

पीड़िता का कहना है कि वह न्याय पाने के लिए दर-दर भटक रही है. यहां तक कि जब वह सचिन रघुवंशी के घर गई, तो उसे देखकर सचिन भाग गया और उसकी मां ने घर का दरवाजा बंद कर ताला लगा दिया. पीड़िता ने इस मामले की शिकायत पुलिस में भी दर्ज कराई है, लेकिन अब तक उसे कोई ठोस न्याय नहीं मिला है.

समाज ने लिया पुतला दहन का फैसला

न्याय की मांग को लेकर समाज ने अब कठोर कदम उठाया है. जांगड़ा समाज ने साफ कहा कि दशहरे पर रावण के प्रतीक रूप में सचिन रघुवंशी का पुतला दहन किया जाएगा. समाज का कहना है कि यह आयोजन सांकेतिक रूप से समाज की ओर से न्याय की मांग और विरोध दर्ज कराने का तरीका होगा.

ये भी पढे़ं- Indore News: दशहरा पर नहीं जलेगा सोनम का पुतला, हाई कोर्ट ने लगाई ‘Sonam Raghuvanshi’ के दहन पर रोक

पहले होना था सोनम रघुवंशी का पुतला दहन

दशहरे पर इंदौर में शूर्पणखा दहन कार्यक्रम का आयोजन किया जाना था जहां आयोजकों ने रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के साथ-साथ सोनम रघुवंशी और मुस्कान सहित 11 महिला अपराधियों के पुतले जलाने की तैयारी की थी. इस आयोजन को आयोजकों ने समाज में बुराई के खिलाफ एक प्रतीकात्मक कदम बताया था. जिसको लेकर सोनम रघुवंशी की मां ने परिवार की प्रतिष्ठा पर हमला करार देते हुए हाई कोर्ट में इस कार्यक्रम को रद्द करने की याचिका लगाई थी.

मामले में एमपी हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने शूर्पणखा दहन कार्यक्रम पर रोक लगाने का आदेश दिया. इस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा कि इस तरह का आयोजन व्यक्तिगत और सामाजिक स्तर पर गलत संदेश दे सकता है.

ज़रूर पढ़ें