MP News: कैसा काम करता है ईरानी गैंग, क्या है चोरी करने का खास तरीका, ‘मोडस ऑपरेंडी’ का पुलिस ने किया खुलासा
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MP News: ईरानी गैंग एक खास तरीके से वारदात को अंजाम देते हैं. इसे मोडस ऑपरेंडी या MO भी कहते हैं. दरअसल हर चोर की चोरी करने का एक खास तरीका होता है, जैसे कि वह ताला तोड़ता है या खिड़की से घुसता है, यही खास तरीका चोर का ‘मोडस ऑपरेंडी’ है. इसी तरह ईरानी गैंग के अपराध को अंजाम देने के कई तरीके हैं.
ईरानी गैंग का मोडस ऑपरेंडी समझिए
पहला- व्यापारी बनकर बड़े दुकानों में चोरी को अंजाम देना.
दूसरा- पुलिस बनकर महिलाओं को डराकर सोना-चांदी का हेरफेर करना.
तीसरा– साधु बनकर भिक्षा मांगने के बहाने से कीमती सामान को उड़ा ले जाना
चौथा- चलते-फिरते लोगों के साथ मोबाइल और चेन स्नैचिंग की घटना करना.
सामान खरीदकर बड़े व्यापारियों को भरोसे पर लेते थे
ईरानी गैंग बड़े दुकानों में जाकर सामान खरीदने के बहाने से व्यापारियों को भरोसे में लेते थे, और उन दुकानों को टारगेट करते थे, जिसमें सामान दिखाने वाला एक ही व्यक्ति रहता था. ऐसे 10 बड़े वरदातों को गैंग ने अंजाम दिया है. राजस्थान के जयपुर, गंगानगर समेत कई शहरों में इस तरीके की घटना को गैंग ने अंजाम दिया है. सामान खरीदने के बहाने से महंगे सामान को कपड़ों में छुपा कर चुरा लेते थे. सामान दिखने वाले दुकानदार को एक समान से दूसरे सामान में उलझाए रखते थे. इस बीच कीमती सामानों को कपड़े की जेब में डालकर पार कर लेते थे.
पुलिस बनकर महिलाओं को जाल में फंसाते थे
ईरानी गैंग पुलिस बनकर महिलाओं को जाल में फंसाते थे.गैंग के सदस्य DSP और इंस्पेक्टर बनकर ठगी किया करते थे. सड़क से गुजर रही महिलाओं को रोकते थे और बोलते थे कि आगे चोरों का अड्डा है. लूटपाट का डर दिखाकर जेवरात की चेकिंग करते थे. चेकिंग के दौरान महिलाओं से सोना- चांदी उतरवाते थे और असली सोना-चांदी रखकर बदले में बदले में नकली वापस कर देते थे.
घर-घर जाकर कीमती सामान उड़ा ले जाते थे
ईरानी गैंग साधु बनकर ग्रुप में भिक्षा मांगने के बहाने से लोगों के घर-घर जाकर कीमती सामान उड़ा ले जाते थे. साधु की वेशभूषा में लोगों के घरों में जाते थे और सामान और पैसा मांगते थे. जब व्यक्ति घर के अंदर भिक्षा देने के लिए कुछ लेने जाता तब तक घर में रखे सामान को खींच लेते थे और ग्रुप होने की वजह से कुछ साधु सामान लेकर फरार हो जाते थे. कई बार जब लोगों को शक हुआ कि नकली साधु आया है तो लोगों ने पिटाई भी की है. ज्यादातर नकली साधु के जो मामले सामने आए हैं इनमें ज्यादातर ईरानी ही हैं.
चलते फिरते लोगों के साथ चेन स्नेचिंग और मोबाइल स्नेचिंग की घटना को अंजाम देने के लिए ईरानी गैंग का एक बड़ा नेटवर्क काम करता है. शहरों में अलग-अलग इलाकों में गैंग के सुबह मॉर्निंग वॉक के समय, दिन में भीड़भाड़ वाली जगह और रात को सुनसान इलाकों में चेन स्नैचिंग और मोबाइल स्नेचिंग की घटना को अंजाम देते थे. मोबाइल स्नैचिंग करने के बाद इसे अपराध के नेटवर्क में भी इस्तेमाल करते थे.
पुलिस कर रही है ईरानी गैंग के बदमाशों की तलाश
ये मुख्य चार पैटर्न है जिसे ईरानीयों का मोडस ऑपरेंडी कहा जाता है. इसी तरीके से ईरानी मध्य प्रदेश के अलावा देश के अन्य राज्यों में चोरी डकैती लूट और स्नेचिंग की घटना को अंजाम देते आ रहे हैं. पुलिस लगातार इनके नेटवर्क को तोड़ने में लगी हुई है. इन सब घटनाओं को अंजाम देने के लिए अलग-अलग ईरानी गैंग सक्रिय हैं. यही वजह है कि जब पिछली बार ईरानी डेरा में पुलिस की रेट पड़ी तो बड़ी संख्या में लैपटॉप कंप्यूटर मोबाइल फोन और सीपीयू बरामद हुए.
पुलिस को अब इनके मोडस ऑपरेंडी के बारें में सटीक और बारीक जानकारी मिल गई है. जिसके जरिए पूरे ईरानी गैंग के नेटवर्क की कमर तोड़ने में पुलिस जुटी हुई है.