MP News: रीवा में खाद के लिए मची मारामारी! आपस में ही भिड़े किसान
रीवा में खाद के लिए मारामारी मची.
MP News: मध्यप्रदेश के रीवा जिले में खाद के लिए मारामारी मचा हुआ है. जबकि कलेक्टर प्रतिभा पाल ने दावा किया था कि किसानों को बड़ी सहजता से खाद मिलेगी. पुलिस की व्यवस्था रहेगी. चाकघाट के बाद रीवा के करहिया में आज एक बोरी खाद के लिए भगदड़ जैसे हालात थे. टोकन के मुताबिक किसानों को खाद नहीं दी जा रही है. प्रशासन को यह जानकारी है कि खाद वितरण केन्द्र में किसानों की भारी भीड़ हो जाती है. इसके बावजूद खाद वितरण केन्द्र में पुलिस की कोई व्यवस्था नहीं है. भगदड़ में किसान की जान आफत में आ गयी. किसान आपस में ही भिड़ गए.
हालात हुए बेकाबू
गनीमत रही कि रीवा करहिया में खाद के लिए किसानों की उमड़ी भीड़ में कोई व्यक्ति भीड़ में कुचल नहीं गया. लेकिन लोग एक दूसरे पर गिरते रहे. हालात बेकाबू होते गए. लेकिन इसके बावजूद खाद वितरण के समय प्रशासन ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस की व्यवस्था नहीं की.
कलेक्टर के दावे के बाद भी नहीं बदले हालात
कलेक्टर प्रतिभा पाल खरीब फसल के समय भी सोशल मीडिया में वायरल वीडियो को देख चुकी हैं. उस वक्त खाद के लिए कितने बुरे हालात हो गए थे. बावजूद इसके रबी सीजन में करहिया में भीड़ नियंत्रित रहे, ऐसी कोई व्यवस्था नहीं की. महिलाओं के ऊपर लोग गिरते रहे. इसके पहले कलेक्टर ने कहा था कि खाद वितरण के समय समुचित व्यवस्था रहे. किसानों को पानी, छाया और बैठने की समुचित व्यवस्था की जाए. लेकिन जहां-जहां खाद वितरण केन्द्र हैं, ऐसी कोई व्यवस्था नहीं की जाती है.
प्रशासनिक व्यवस्था नहीं रही अच्छी
रबी सीजन में किसान को गेहूं, सरसों और चना जैसी फसलों के लिए खाद चाहिए. लेकिन करहिया में किसानों का आरोप है कि टोकन के मुताबिक खाद नहीं दिया जा रहा है. पांच बोरी खाद दिया जाना चाहिए, लेकिन एक-दो बोरी दिया जा रहा है. यानी जिस किसान को पांच बोरी खाद चाहिए, उसे तीन दिन लाइन में लगना पड़ेगा.
सही से क्रियान्यवन होता तो ये हालात नहीं होते
किसानों का आरोप है कि यदि खाद वितरण की पहले से सही योजना बनाई जाती और पर्याप्त कर्मचारी, सुरक्षा बल तैनात किए जाते तो इस तरह की अव्यवस्था और मारपीट की नौबत नहीं आती. घटना के बाद किसान संगठनों और ग्रामीणों ने मांग की है कि खाद वितरण केंद्रों पर पर्याप्त स्टाफ पुलिस बल और टोकन या लाइन व्यवस्था लागू की जाए, ताकि किसी भी खाद वितरण केन्द्र में ऐसी स्थिति ना उत्पन्न हो.
ये भी पढे़ं: मध्यप्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना में बड़ा बदलाव, अब 3 किस्तों में बनेगा मकान, मजदूरी राशि अलग से मिलेगी