MP News: इंदौर में दूषित पानी से मौत के मामले में हाई कोर्ट में तीसरी याचिका दाखिल, नगर निगम ने पेश की स्टेटस रिपोर्ट

तीसरी याचिका पर अगली सुनवाई 19 जनवरी को होगी, जबकि पहले से दायर दो जनहित याचिकाओं पर 6 जनवरी को सुनवाई निर्धारित की गई है.
Indore Bench of MP HC.

MP HC की इंदौर खंडपीठ.

MP News: इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी से हुई मौतों और लोगों के बीमार होने के मामले ने अब न्यायिक रूप ले लिया है. इस गंभीर घटना को लेकर हाई कोर्ट में लगातार जनहित याचिकाएं दायर की जा रही हैं. आज इस मामले में स्टेटस रिपोर्ट पेश की गई, वहीं एक नई जनहित याचिका पर भी अदालत ने सख्त रुख अपनाया है.

2 जनहित याचिकाएं दायर की गई थीं

इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी की सप्लाई से कई लोगों की तबीयत बिगड़ने और मौतों का मामला सामने आया था। इस मामले में 31 दिसंबर को हाई कोर्ट में दो जनहित याचिकाएं दायर की गई थीं. पहली याचिका हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रितेश ईनाणी की ओर से लगाई गई थी, जबकि दूसरी याचिका पूर्व पार्षद महेश गर्ग और कांग्रेस प्रवक्ता प्रमोद कुमार द्विवेदी की ओर से दायर की गई थी. जिसमें पैरवी अधिवक्ता मनीष यादव ने की. इसमें 31 दिसंबर को सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने नगर निगम को अंतरिम आदेश जारी करते हुए सभी प्रभावित लोगों का मुफ्त इलाज कराने और क्षेत्र में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे. इन्हीं आदेशों के पालन में आज 2 जनवरी को नगर निगम की ओर से स्टेटस रिपोर्ट अदालत में पेश की गई. वहीं आज इस मामले में एक तीसरी जनहित याचिका भी हाई कोर्ट में दायर की गई, जिस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा और नगर निगम आयुक्त दिलीप कुमार यादव को नोटिस जारी किए हैं.

तीसरी याचिका पर 19 जनवरी को सुनवाई

तीसरी याचिका पर अगली सुनवाई 19 जनवरी को होगी, जबकि पहले से दायर दो जनहित याचिकाओं पर 6 जनवरी को सुनवाई निर्धारित की गई है. मामले में अधिवक्ता मनीष यादव की ओर से अदालत के सामने यह मांग रखी गई कि मृतकों के परिजनों को दी जाने वाली आर्थिक राशि बढ़ाई जाए. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि नगर निगम द्वारा पेश की गई स्टेटस रिपोर्ट में केवल चार मौतों का उल्लेख किया गया है, जबकि वास्तविक आंकड़े इससे कहीं अधिक हैं. ऐसे में एक विस्तृत और तथ्यात्मक स्टेटस रिपोर्ट पेश किए जाने की भी मांग की गई है. फिलहाल हाई कोर्ट इस पूरे मामले पर कड़ी नजर बनाए हुए है और आने वाले दिनों में इस पर अहम फैसले लिए जा सकते हैं.

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