रतलाम में मुरैना जैसा हादसा टला, रणथंभौर एक्सप्रेस से निकला धुआं, आग लगने के डर से यात्री दूसरे ट्रैक पर कूदे

ट्रेन के जनरल कोच से धुआं निकलने के बाद काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा. हालांकि स्थिति पर काबू पाने के बाद ट्रेन को उसके गंतव्य के लिए रवाना किया गया.
A tragedy similar to the Morena incident was averted in Ratlam.

रतलाम में मुरैना जैसा हादसा होने से टला.

MP News: रतलाम में मुरैना जैसा हादसा होने से टल गया. गुरुवार को आलोट स्थित लूणी-रीछा स्टेशन के पास रणथंभौर एक्सप्रेस के पहिए से अचानक धुआं निकलने लगा. जिसके बाद आग लगने के डर से यात्री ट्रेन रुकते ही सामान लेकर दूसरे ट्रैक पर कूद पड़े. हालांकि गनीमत रही कि इस दौरान दूसरे ट्रैक पर कोई ट्रेन नहीं आ रही थी. जिससे बड़ा हादसा होते-होते टल गया.

फायर एक्सटिंग्विशर ने स्थिति पर काबू पाया

पूरा मामला रणथंभौर एक्सप्रेस के जनरल कोच का है. दरअसल लूणी-रीछा स्टेशन पर ट्रेन का स्टॉपेज नहीं है. लेकिन सिग्नल रेड होने से ड्राइवर को अचानक ब्रेक लगाना पड़ा. लेकिन अचानक लगे ब्रेक के कारण घर्षण होने लगा, जिससे पहिए से धुआं निकलने लगा. हालांकि ट्रेन तो रुक गई लेकिन यात्री डर गए. स्टेशन आते ही बिना सोचे-समझे यात्री ट्रैक पर कूद पड़े. इसके बाद सूचना मिलते ही रेलवे कर्मचारियों ने फायर एक्सटिंग्विशर ने मोर्च संभाला और स्थिति पर काबू पा लिया.

अफरा-तफरी के थोड़ी देर बाद ट्रेन को रवाना किया गया

ट्रेन के जनरल कोच से धुआं निकलने के बाद काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा. हालांकि स्थिति पर काबू पाने के बाद ट्रेन को उसके गंतव्य के लिए रवाना किया गया. इसी ट्रैक पर 17 मई को राजधानी एक्सप्रेस में आग लगने से हादसा हो गया था.

14 जून को रेल हादसे में हुई थी चार लोगों की मौत

मुरैना की उदयपुर इंटरसिटी में 14 जून को बड़ा हादसा हो गया था. ट्रेन में आग की अफवाह के बाद भगदड़ मच गई थी. इस दौरान एक महिला ने चेनपुलिंग कर दी थी, ट्रेन रुकते ही यात्री ट्रैक पर कूद पड़े थे. तभी दूसरी तरफ से आ रही पातालकोट एक्सप्रेस की चपेट में कई लोग आ गए. इसमें चार लोगों की मौत हो गई थी. एक व्यक्ति की पत्नी और उसका बेटा आंखों के सामने ही कटकर मर गए.

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