‘शरीयत से शासन नहीं चलता है’, वंदे मातरम को लेकर उषा ठाकुर का बड़ा बयान, बोलीं- भारत में संविधान सबसे ऊपर
बीजेपी नेता उषा ठाकुर ने कहा- शरीयत से देश नहीं चलता है
MP News: इंदौर में सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो को लेकर राजनीतिक बयानबाज़ी तेज हो गई है. वीडियो खजराना क्षेत्र का एक भूमिपूजन का है, जिसमें पार्षद और वंदे मातरम का विरोध करने वाली रुबीना इकबाल खान के पति इकबाल खान बैठकर पूजन करते दिखाई दे रहे हैं, जिस पर विधायक उषा ठाकुर का बयान सामने आया है. उषा ठाकुर ने कहा कि भारत में शरीयत या किसी अन्य धार्मिक कानून के आधार पर शासन नहीं चलता, बल्कि भारतीय संविधान सर्वोपरि है. यदि किसी को शरीयत के अनुसार जीवन जीना है, तो वह उन देशों में जा सकते हैं, जहां इस प्रकार की व्यवस्था लागू है.
उषा ठाकुर ने दी तीखी प्रतिक्रिया
वंदे मातरम गान को लेकर इंदौर में जारी बयानबाजी के बीच कई तरह के पुराने वीडियो फिर से वायरल लिए का रहे हैं. इस विवाद के बाद वंदे मातरम गाने से इंकार करने वाली पार्षद रुबीना के पति इकबाल खान, विधायक महेंद्र हार्डिया, महापौर पुष्यमित्र भार्गव सहित कई बीजेपी नेता, खजराना इलाके में एक भूमिपूजन में शामिल होते दिखाई दे रहे हैं, जिसमें पूजन अर्चन साथ ही मंत्रोच्चार भी किया जा रहा है. इस मामले में विधायक एवं बीजेपी की प्रदेश प्रवक्ता उषा ठाकुर ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक और संविधान आधारित देश है, जहां सभी नागरिकों को अपने धर्म का पालन करने की स्वतंत्रता है, लेकिन यह स्वतंत्रता संविधान के दायरे में रहकर ही संभव है.
देश धर्मनिरपेक्ष है – उषा ठाकुर
उषा ठाकुर ने कहा कि देश धर्मनिरपेक्ष है और हर व्यक्ति को अपनी पूजा पद्धति अपने घर के भीतर करने की पूरी आज़ादी है, लेकिन यदि कोई व्यक्ति किसी संवैधानिक पद पर है और उसने संविधान की शपथ ली है, तो उसका पालन करना उसकी जिम्मेदारी है. उन्होंने रुबीना के वायरल वीडियो में दिए गए बयानों को गैर-जिम्मेदाराना और भ्रामक करार दिया. ठाकुर ने कहा कि भारत में शरीयत या किसी अन्य धार्मिक कानून के आधार पर शासन नहीं चलता, बल्कि भारतीय संविधान सर्वोपरि है. यदि किसी को शरीयत के अनुसार जीवन जीना है, तो वह उन देशों में जा सकता है जहां इस प्रकार की व्यवस्था लागू है.
‘वंदे मातरम देश भक्ति का प्रतीक’
बीजेपी नेता उषा ठाकुर ने वंदे मातरम विवाद का जिक्र करते हुए कहा कि यह देशभक्ति का प्रतीक है और इसका सम्मान हर नागरिक को करना चाहिए. उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पार्टी के कुछ नेता जानबूझकर ऐसे विवाद खड़े कर रहे हैं, जिससे समाज में भ्रम और विभाजन की स्थिति उत्पन्न हो. उन्होंने कहा कि देश में रहने वाले हर नागरिक, विशेषकर मुस्लिम समाज के लोगों को एपीजे अब्दुल कलाम और अब्दुल हमीद जैसे राष्ट्रवादी व्यक्तित्वों से प्रेरणा लेनी चाहिए और संविधान का सम्मान करते हुए देश के विकास में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिए.