IAS Avi Prasad: कौन हैं आईएएस अवि प्रसाद, जिनकी दो पत्नियां हैं कलेक्टर और तीसरी पत्नी डिप्टी सेक्रेटरी
आईएएस अवि प्रसाद
IAS Avi Prasad: मध्य प्रदेश के आईएएस अधिकारी अवि प्रसाद इन दिनों प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का विषय बने हुए हैं. चर्चा उनके तबादलें या सख्त कार्रवाई की नहीं हो रही है ना ही किसी विकास मॉडल की हो रही है. चर्चा हो रही है उनके निजी जीवन की. अवि प्रसाद ने तीसरी बार शादी कर ली है और इतना ही नहीं उनकी होने वाली पत्नी भी कलेक्टर है. सबसे खास बात यह है कि अवि प्रसाद की पहली दोनों पत्नियां भी आईएएस अधिकारी थीं.
दरअसल आईएएस अवि प्रसाद वर्तमान में मध्य प्रदेश रोजगार गारंटी परिषद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सीईओ के पद पर पदस्थ है. इसके अलावा अवि प्रसाद मध्य प्रदेश के कई जिलों में जिला पंचायत सीईओ और कलेक्टर की जिम्मेदारी भी निभा चुके हैं.
अवि प्रसाद की पहली शादी
आईएएएस अवि प्रसाद की पहली शादी साल 2014 बैंच की आईएएस अधिकारी रिजु बाफना से हुई थी. लेकिन दोनों का रिश्ता ज्यादा समय तक नहीं चला और फिर तलाक हो गया. अवि प्रसाद की पहली पत्नी रही आईएएस रिजू बाफना फिलहाल शाजापुर जिले की कलेक्टर हैं.
अवि प्रसाद की दूसरी शादी
अवि प्रसाद की पहली पत्नी आईएएस रिजू बाफना से तलाक के बाद 2016 बैच की आईएएस मिशा सिंह से अवि प्रसाद ने दूसरी शादी की थी. मिशा सिंह के साथ उनका रिश्ता करीब चार सालों तक रहा. फिर दोनों का तलाक हो गया. अवि प्रसाद की दूसरी पत्नी मिशा सिंह फिलहाल रतलाम जिला कलेक्टर हैं.
तीसरी पत्नी डिप्टी सेक्रेटरी
आईएएस अवि प्रसाद की तीसरी पत्नी 2017 बैच की आईएएस अधिकारी अंकिता धाकरे हैं. अवि प्रसाद और अंकिता धाकरे ने 11 फरवरी 2026 को कूनो नेशनल पार्क में सादगीपूर्ण शादी की है. अवि प्रसाद की तीसरी पत्नी अंकिता धाकरे वर्तमान में राज्य मंत्रालय (प्रशासनिक सेवा) में डिप्टी सेक्रेटरी के रूप में पदस्थ हैं.
कहां के रहने वाले हैं अवि और अंकिता
आईएएस अवि प्रसाद मूल रूप से उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले के रहने वाले हैं. वहीं, उनकी पत्नी आईएएस अधिकारी अंकिता धाकरे मध्य प्रदेश के अशोकनगर की रहने वाली हैं.
अवि प्रसाद की प्रशासनिक पहचान और कार्यशैली
आईएएस अवि प्रसाद की चर्चा केवल उनकी निजी जिंदगी को लेकर ही नहीं होती, बल्कि उनके काम और सख्त कार्यशैली की भी होती है. अवि मध्य प्रदेश शासन में एक भरोसेमंद और तेजतर्रार आधिकारी हैं. फिलहाल वे एमपी रोजगार गारंटी परिषद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सीईओ के पद पर पदस्थ हैं, लेकिन इससे पहले वे कई जिलों के पंचायम सीईओ और कलेक्टर रहे हैं. अवि प्रसाद ने कटनी कलेक्टर रहते हुए कुपोषण के खिलाफ विशेष अभियान चलाया था. उस समय जिले में बढ़ते कुपोषण के आंकड़ो ने सरकार की भी चिंता बढ़ाई थी.
आईएएस अवि प्रसाद ने आंगनवाड़ी के पूरे नेटवर्क की सीमक्षा, स्वास्थय विभाग के समन्वय और जमीनी स्तर पर इसकी निगरानी को मजबूत करने के लिए सख्त कदम उठाए थे. उनके इस अभियान की राज्य सरकार ने भी सराहना की थी. अवि प्रसाद को कई बार प्रशासनिक नवाचार और प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सम्मानित किया जा चुका है. अधिकारी के समर्थकों का कहना है कि वे किसी भी निर्णय को लेने में देरी नहीं करते हैं और फील्ड विजिट को सबसे ज्यादा प्राथमिकता पर रखते हैं. फिलहाल तीसरी शादी को लेकर आईएएस अवि प्रसाद का कोई भी आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है और न ही उन्होंने कोई सोशल मीडिया प्रतिक्रिया दी है.
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