उमरिया में बाघ ने महिला को मार डाला, 21 दिन में टाइगर के हमले से तीसरी मौत; गुस्साए ग्रामीणों ने अधिकारी का सिर फोड़ा

वहीं घटना पर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने गहरा दुख व्यक्त किया है. साथ ही बाघ के हमले में मारी गई महिला के परिजनों को 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है.
After the attack, the tiger hiding in the house has been rescued.

हमले के बाद घर में छिपे बाघ का रेस्क्यू कर लिया गया है.

MP News: मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में बाघ का आतंक जारी है. रविवार भोर में घर में सो रहे परिवार पर बाघ ने हमला कर दिया. हमले में एक महिला की मौत हो गई है. जबकि 2 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं. वहीं बाघ के हमल से गुस्सए ग्रामीणों ने बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व(BTR) की टीम पर हमला कर दिया. इसमें पनपथा रेंजर का सिर फूट गया. जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया. वहीं हमले के बाद बाघ घर के अंदर ही छिप गया था. वन विभाग की टीम ने कई घंटो तक कड़ी मशक्कत के बाद बाघ को रेस्क्यू किया. उमरिया में मई महीने में बाघ के हमले से ये तीसरी मौत है, जबकि कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं. वहीं घटना पर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने गहरा दुख व्यक्त किया है. साथ ही बाघ के हमले में मारी गई महिला के परिजनों को 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है.

महिला को बचाने आए पति और ससुर पर भी किया हमला

पूरा मामला बांधवगढ़ टाईगर रिजर्व के पनपथा परिक्षेत्र के खेरवा मोहल्ले का है. यहां फूलबाई(48) अपने परिवार के साथ आंगन में सो रही थीं. तभी सुबह 3 बजे के आसपास बाघ ने घर में घुसकर महिला पर हमला बोल दिया. जिसमें महिला की मौके पर ही मौत हो गई. वहीं फूलबाई को बचाने आए उनके पति और ससुर को भी बाघ ने निशाना बना लिया. इस दौरान बाघ के हमले में वे दोनों भी गंभीर रूप से घायल हो गए.

घर के बाहर काफी देर तक दहाड़ता रहा बाघ, ग्रामीणों में दहशत

परिवार पर हमले के बाद बाघ घर से नहीं भागा, बल्कि घर के बाहर ही काफी देर तक दहाड़ता रहा. इसके कारण आसपास के लोगों में घबरा गए. थोड़ी देर बाद बाघ घर के अंदर जाकर छिप गया. वन विभाग की टीम बाघ को रेस्क्यू करने की कोशिश कर रही है. वहीं बाघ के लगाातर हमले के कारण ग्रामीणों में काफी दहशत है.

CM मोहन यादव ने परिजनों को 25-25 लाख देने का ऐलान किया

सीएम डॉ मोहन यादव ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है. मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर लिखा, ‘बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान अंतर्गत ग्राम खेरवा टोला, जिला उमरिया में बाघ के हमले में एक महिला की मृत्यु और कुछ नागरिकों के घायल होने का समाचार दुखद है. शोकाकुल परिजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं. हमले में मृतक के परिजनों को ₹25 लाख की आर्थिक सहायता प्रदान करने तथा घायलों के निःशुल्क उपचार एवं आवश्यक मुआवजा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं. ईश्वर से दिवंगत की शांति एवं घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना करता हूं.

वन विभाग की टीम पर किया हमला

वहीं घटना की सूचना पाकर मौके पर पहंची वन विभाग की टीम पर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा. ग्रामीणों ने वन विभाग के अधिकारियों के साथ मारपीट की है. जिसमें रिक्षेत्र अधिकारी प्रतीक श्रीवास्तव का सिर फूट गया. जबकि पतौर रेंजर अंजू वर्मा को भी ग्रामीणों ने नहीं बख्शा, उनके साथ भी मारपीट की गई है. वन विभाग की गाड़ियों में जमकर तोड़फोड़ की. फिलहाल बाघ के हमले के बाद इलाके में तनावपूर्ण स्थिति है. जिसके कारण मौके पर भारी पुलिस फोर्स मौजूद है.

उमरिया में लगातार वन्य जीवों के हमले बढ़ रहे हैं. पिछले 21 दिनों में बाघ के हमले से ये तीसरी मौत है. इसके पहले 3 मई को पनपथा कोर क्षेत्र में बाघ के हमले से एक व्यक्ति की मौत हो गई थी. वहीं 16 मई को पनपथा कोर के कुदरी में तेंदूपत्ता तोड़ते समय एक महिला को बाघ ने अपना शिकार बना लिया था. इस दौरान कई बार बाघ और भालुओं के हमले में कई लोग घायल हो चुके हैं. ग्रामीणों का आरोप है कि वन्य जीवों के हमले वन विभाग की टीम की लापरवाही के कारण होते हैं.

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