Maha Kumbh 2025: 6 साल की यशवी का गंगा स्नान, श्रद्धालुओं के दिलों में घर कर गई बच्ची की आस्था!

महाकुंभ केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह एक सांस्कृतिक और सामाजिक उत्सव भी है. यशवी जैसी छोटी बच्ची का महाकुंभ में सक्रिय रूप से हिस्सा लेना यह दिखाता है कि बच्चों में भी गहरी आस्था और श्रद्धा हो सकती है.
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6 साल की यशवी का गंगा स्नान

Maha Kumbh 2025: महाकुंभ में एक 6 साल की बच्ची यशवी तिवारी का नाम चर्चा में है. यह नन्हीं बच्ची न केवल महाकुंभ के आधिकारिक कार्यक्रमों में भाग ले रही है, बल्कि हर दिन गंगा में डुबकी लगाकर अपनी भक्ति और श्रद्धा का अनूठा प्रदर्शन भी कर रही है. यशवी की आस्था और समर्पण ने ना केवल उनके परिवार को, बल्कि पूरे प्रयागराज को मंत्रमुग्ध कर दिया है.

महाकुंभ में लाखों श्रद्धालु गंगा में स्नान करने के लिए पहुंच रहे हैं, लेकिन यशवी की बात कुछ अलग है. हर दिन ब्रह्म मुहूर्त में यशवी अपने परिवार के साथ गंगा किनारे पहुंचती हैं और बिना किसी थकान या डर के गंगा में स्नान करती हैं.

यशवी की आस्था

यशवी के माता-पिता का कहना है कि जब से यशवी ने गंगा में डुबकी लगानी शुरू की है तब से उनके जीवन में एक नयी ऊर्जा और शांति का संचार हुआ है. यशवी की मां, श्वेता तिवारी बताती हैं, “यशवी हमेशा से ही गंगा स्नान को लेकर बहुत श्रद्धालु रही है. जब वह छोटी थी, तब से उसे गंगा मां की महिमा और आशीर्वाद के बारे में हम बताते थे, और अब वह इसे अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना चुकी है.”

यशवी का मानना है कि गंगा मां की आशीर्वाद से उनकी सेहत और मानसिक स्थिति में संतुलन बना रहता है. यशवी ने कहा, “गंगा में स्नान करने से मुझे बहुत अच्छा महसूस होता है. मैं रोज़ गंगा मां के पास आती हूं और प्रार्थना करती हूं. मुझे हमेशा शांति और खुशहाली मिलती है.”

यशवी का गंगा स्नान से जुड़ा अनुभव

यशवी ने महाकुंभ 2025 के पहले दिन से ही गंगा स्नान करना शुरू किया था. उनका यह अनुभव और उनकी मासूमियत अब सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है. यशवी के आसपास श्रद्धालु उनकी भक्ति और आस्था से बहुत प्रभावित हैं. लोग उन्हें देखकर आशीर्वाद देते हैं और उनकी भक्ति के प्रति सम्मान जताते हैं.

यशवी के गंगा में स्नान करते वक्त उनके चेहरे पर एक विशेष शांति और संतोष का भाव होता है, जो उनकी आस्था और भक्ति को दर्शाता है. यशवी की इस साधना को देखकर बहुत से लोग अपने परिवारों को भी गंगा में स्नान करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं.

गंगा में स्नान करने के बाद यशवी अक्सर वहां के अन्य बच्चों के साथ पूजा करती हैं. वे खुद भी पूजा में शामिल होती हैं और भगवान से सभी के लिए शांति और सुख की प्रार्थना करती हैं. यशवी के अनुसार, “गंगा स्नान के बाद, मुझे लगता है कि मैंने अपने सारे पाप धो दिए हैं और अब मैं एक नई शुरुआत करने के लिए तैयार हूं.”

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महाकुंभ में बच्चों की भागीदारी

महाकुंभ केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह एक सांस्कृतिक और सामाजिक उत्सव भी है. यशवी जैसी छोटी बच्ची का महाकुंभ में सक्रिय रूप से हिस्सा लेना यह दिखाता है कि बच्चों में भी गहरी आस्था और श्रद्धा हो सकती है. महाकुंभ जैसे बड़े आयोजनों में बच्चों की भागीदारी से यह संदेश जाता है कि आस्था और भक्ति की कोई उम्र नहीं होती. यशवी जैसे बच्चे दूसरों के लिए एक प्रेरणा बन सकते हैं और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं.

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