Mahashivratri 2026: महाशिवरात्रि पर करें इन विधियों से शिवलिंग का अभिषेक, जीवन में बनी रहेगी महादेव की कृपा
Mahashivratri 2026: श्रद्धा के साथ किया गया शिवलिंग का अभिषेक मन को शांति देता है और जीवन की परेशानियों को कम करने में सहायक माना जाता है.
महाशिवरात्रि 2026
Mahashivratri 2026: महाशिवरात्रि को भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का सबसे महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है. वर्ष 2026 में फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि 15 फरवरी की शाम 05:04 बजे से शुरू होकर 16 फरवरी की शाम 05:34 बजे तक रहेगी. मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव अपने भक्तों पर विशेष कृपा बरसाते हैं. श्रद्धा के साथ किया गया शिवलिंग का अभिषेक मन को शांति देता है और जीवन की परेशानियों को कम करने में सहायक माना जाता है.
दूध में गंगाजल मिलाकर करें शिव को अर्पित
- महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर दूध और गंगाजल से अभिषेक करना अत्यंत शुभ माना जाता है. कच्चे गाय के दूध में थोड़ा गंगाजल मिलाकर शिवलिंग पर अर्पित करने से मानसिक तनाव कम होता है और मन में स्थिरता आती है. अभिषेक के दौरान ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करने से सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव होता है और शिव भक्ति और भी गहरी हो जाती है.
शहद और शुद्ध घी से करें अभिषेक
- स्वास्थ्य, समृद्धि और कार्यों में सफलता की कामना करने वाले भक्त शहद और शुद्ध घी से भी अभिषेक करते हैं. शहद को वाणी में मधुरता और रुके कार्यों में प्रगति से जोड़ा जाता है, जबकि घी का अभिषेक रोगों से राहत और ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है. घर पर पूजा करते समय इन सामग्रियों को श्रद्धा के साथ अर्पित किया जा सकता है, क्योंकि भगवान शिव भाव के भूखे माने जाते हैं.
पंचामृत अभिषेक अत्यंत शुभ
- पंचामृत से अभिषेक को भी अत्यंत शुभ बताया गया है. दूध, दही, घी, शहद और शक्कर से तैयार पंचामृत शिवलिंग पर अर्पित करने से घर में सुख-शांति का वातावरण बनता है. अभिषेक के बाद शिवलिंग को शुद्ध जल से स्नान कराकर चंदन का लेप लगाना और बेलपत्र चढ़ाना भी शुभ माना जाता है.
उन्नति की कामना के लिए करे गन्ने के रस से अभिषेक
- इसके अलावा आर्थिक उन्नति की कामना करने वाले भक्त गन्ने के रस से अभिषेक करते हैं. मान्यता है कि इससे जीवन में समृद्धि बढ़ती है. वहीं शुद्ध जल में काले तिल मिलाकर अभिषेक करने से मानसिक बाधाओं से मुक्ति मिलती है. श्रद्धा और विश्वास के साथ किया गया कोई भी अभिषेक भगवान शिव को प्रिय माना जाता है और भक्तों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने की उम्मीद जगाता है.
(डिस्क्लेमर: यह खबर धार्मिक मान्यताओं, ज्योतिष शास्त्र और पंचांग आधारित जानकारी पर लिखी गई है. इसका उद्देश्य केवल सामान्य जानकारी देना है. विस्तार न्यूज किसी भी ज्योतिषीय दावे की पुष्टि नहीं करता है.)