Pitru Paksha 2026: हिंदू कैलेंडर के अनुसर, इस साल पितृ पक्ष 26 सितंबर यानी आज से शुरू हो रहा है. हिंदू धर्म में पितृ पक्ष का विशेष महत्व माना जाता है. यह समय पूर्वजों की प्रति श्रद्धा, कृतज्ञता और स्मरण का माना जाता है. मान्यता है कि अगर कोई व्यक्ति इस दौरान अपने पूर्वजों का नियमित तर्पण और दान-पुण्य करता है, तो उसे पूर्वजों का आशीर्वाद प्राप्त होता है.
शास्त्रों में खान-पान, व्यवहार और दैनिक जीवन से जुड़े कुछ विशेष नियमों का पालन करने की भी बात कही गई है. हिंदू धर्म ग्रंथों में पितृ पक्ष के दौरान कुछ कामों को करने से मना किया गया है. ऐसे में आइए जानते हैं कि पितृ पक्ष के दौरान कौन-कौन से काम नहीं करने चाहिए.
मांसाहार और शराब से परहेज
अक्सर देखा गया है कि पितृ पक्ष के दौरान कई परिवारों में चिकन और मांस का सेवन नहीं किया जाता है. उनके अनुसार, यह समय पूर्वजों के स्मरण और धार्मिक कार्यों के लिए महत्वपूर्ण होता है. वहीं कई परिवारों में लोग इस दौरान भी मांसाहार या शराब का सेवन करते हैं. ऐसे में इस विषय में अपने पारिवारिक रीति-रिवाज और धार्मिक परंपरा के अनुसार पालन किया जाता है.
अनावश्यक उत्सव और दिखावे से बचें
पितृ पक्ष का समय पूर्वजों के स्मरण और श्रद्धा के लिए माना जाता है. इसलिए कई परिवार इस दौरान अनावश्यक उत्सव, दिखावे और ज्यादा खर्च से बचते हैं. इस समय धार्मिक कार्यों, तर्पण और दान-पुण्य पर ध्यान देने की परंपरा है. हालांकि, इसे लेकर भी परिवार और क्षेत्र के अनुसार अलग-अलग मान्यताएं हो सकती हैं.
किसी का बुरा न सोचें और न करें
पितृ पक्ष में सिर्फ पूजा-पाठ करना ही काफी नहीं माना जाता, बल्कि व्यवहार को भी महत्वपूर्ण बताया जाता है. इस दौरान किसी का अपमान न करें, किसी से झगड़ा न करें और न ही किसी का दिल दुखाएं. सभी के साथ प्यार और सम्मान से रहने की कोशिश करें.
श्राद्ध की तारीख का सही ध्यान रखें
श्राद्ध की तारीख को लेकर विशेष सावधानी बरतने की परंपरा है. आम तौर पर पूर्वज की मृत्यु की तिथि के अनुसार श्राद्ध किया जाता है. अगर आपको तारीख को लेकर किसी तरह की उलझन या संदेह है, तो पंचांग देखकर या किसी विद्वान पंडित से सलाह लेकर सही तिथि की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं.
