Pradosh Vrat October 2025: अक्टूबर का आखिरी प्रदोष व्रत कब है, जानें शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

Pradosh Vrat October Date: हिंदू पंचांग के अनुसार अश्विन माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि 23 अक्टूबर को दोपहर 2 बजकर 34 मिनट से शुरू होगी और 24 अक्टूबर को दोपहर 1 बजकर 35 मिनट पर समाप्त होगी. ज्योतिषियों के अनुसार अक्टूबर महीने में प्रदोष काल 23 अक्टूबर को मिल रहा है, इसलिए इसी दिन महीने की आखिरी प्रदोष व्रत रखा जाएगा.
Pradosh Vrat October 2025

अक्टूबर प्रदोष व्रत 2026

Pradosh Vrat October Date: हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत का बहुत अधिक महत्व माना जाता है. यह व्रत हर महीने दो बार आता है. हिंदू पंचांग के अनुसार पहला प्रदोष व्रत कृष्ण पक्ष में और दूसरा शुक्ल पक्ष में पड़ता है. प्रदोष व्रत देवों के देव महादेव को समर्पित है. इस दिन भक्त भगवान भोलेनाथ और माता पार्वती क पूजा अर्चना करते हैं. मान्यता है कि प्रदोष काल में सच्चे मन और श्रद्धा से भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करने से जीवन के सभी कष्ट और दुख दूर हो जाती हैं. सुख, शांति और पारिवारिक जीवन में खुशहाली के लिए यह समय बहुत फलदायी माना जाता है. ऐसे में आइए जानते हैं कि इस महीने कब है प्रदोष व्रत.

प्रदोष व्रत की शुभ तिथि और शुभ मुहूर्त

हिंदू पंचांग के अनुसार अश्विन माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि 23 अक्टूबर को दोपहर 2 बजकर 34 मिनट से शुरू होगी और 24 अक्टूबर को दोपहर 1 बजकर 35 मिनट पर समाप्त होगी. ज्योतिषियों के अनुसार अक्टूबर महीने में प्रदोष काल 23 अक्टूबर को मिल रहा है, इसलिए इसी दिन महीने की आखिरी प्रदोष व्रत रखा जाएगा. शुभ मुहूर्त की बात करें तो प्रदोष काल शाम 5 बजकर 4 मिनट से शुरू होकर रात 8 बजकर 16 मिनट तक रहेगा. यह समय भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा के लिए बहुत शुभ माना गया है.

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प्रदोष व्रत में क्या करें?

  • प्रदोष व्रत के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें.
  • सूर्यदेव को जल अर्पित करें और व्रत का संकल्प लें.
  • पूजा स्थल की साफ-सफाई करें और भगवान शिव को पंचामृत चढ़ाएं.
  • परिवार के साथ भगवान भोलेनाथ की पूजा करें और शिवलिंग पर बेलपत्र, फूल, धूप, दीप अर्पित करें.
  • पूजा के दौरान शिव चालीसा का पाठ करें और प्रदोष व्रत की कथा सुनें.
  • अंत में भगवान भोलेनाथ की आरती कर अपना उपवास खोलें.
  • मान्यता है कि सच्चे मन और श्रद्धा भाव से प्रदोष व्रत में महादेव और माता पार्वती की पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और घर में खुशहाली बनी रहती है.

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