‘भारत का प्रतिनिधित्व न कर पाना मुश्किल…’, एशियन गेम्स से बाहर होने पर छलका नीरज चोपड़ा का दर्द
नीरज चोपड़ा
Neeraj Chopra: जापान के नागोया में आयोजित एशियन गेम्स 2026 से स्टार जैवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा बाहर हो गए हैं. ट्रेनिंग के दौरान लगी टखने की चोट के कारण उन्हें इस मल्टी- स्पोर्ट्स इवेंट से बाहर होना पड़ा है. अब करीब एक महीने बाद नीरज ने इस इवेंट से बाहर होने पर अपना दर्द बयां किया है. उन्होंने कहा कि एशियन गेम्स में इस बार भारत का प्रतिनिधित्व न कर पाना मेरे लिए बेहद मुश्किल रहा.
नीरज चोपड़ा का छलका दर्द
दरअसल हाल ही में नीरज चोपड़ा ने अपने Linkedin अकाउंट पर एक इमोशनल पोस्ट शेयर किया है. अपने इस पोस्ट में उन्होंने लिखा कि साल 2018 में जब उन्होंने जकार्ता में खेले गए एशियन गेम्स में भारत का फ्लैग बियर किया था तब उनकी उम्र महज 20 साल की थी. उस वक्त वह इस स्पर्धा में मंच पर टॉप पर थे. इसी के साथ 1982 के बाद भारत ने जैवलिन में अपना पहला मेडल भी जीता. अपनी बात को उन्होंने आगे बढ़ाते हुए कहा कि मैं बहुत अच्छे से समझता हूं की तिरंगे और हजारों लोगों की उम्मीदों का भार उठाने की फीलिंग क्या है. पांच साल बाद उसी टाइटल को डिफेंड करना ही सब कुछ होता है.

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लिगामेंट की चोट से जूझ रहे नीरज चोपड़ा
ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट नीरज चोपड़ा ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि एशियन गेम्स ने उनके करियर को बेहद ही कुछ खास पल दिए हैं. ऐसे में इस बार भारत का प्रतिनिधित्व न कर पाना उनके लिए बेहद मुश्किल है. अपने इस पोस्ट में नीरज ने लिखा कि वो लिगामेंट की चोट से जूझ रहे हैं. काफी सोच-विचार के बाद उन्हें एशियन गेम्स से बाहर करने का फैसला लिया गया. नीरज के मुताबिक देश की उम्मीदों को लेकर मैदान पर उतरना सबसे ज्यादा सम्मान की बात है, लेकिन इस बार इस मौके से दूर रहना सच में दर्द देता है.
आगे उन्होंने कहा कि चोट स्पोर्ट्स का हिस्सा है और हर चीज को आप कंट्रोल नहीं कर सकते. ऐसे में आपके आसपास के लोगों का सपोर्ट अपने लिए काफी मायने रखता है.
चोटों से है पुराना नाता
यह पहला मौका नहीं है जब नीरज चोपड़ा किसी चोट से जूझ रहे हैं. चोटों से उनका पुराना नाता है. साल 2019 में उन्हें दाएं कोहनी की सर्जरी करवानी पड़ी थी. इसके बाद 2022 में उन्हें ग्रोइन इंजरी के चलते कॉमनवेल्थ गेम्स से बाहर होना पड़ा था. 2023 में उन्हें मसल स्ट्रेन का सामना करना पड़ा, जबकि साल 2024 में उन्हें एडडक्टर की परेशानी के चलते एक इवेंट से अपना नाम वापस लेना पड़ा. हालांकि लगातार चोटों से जूझने के बाद नीरज ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शानदार वापसी की और भारत के लिए सिल्वर मेडल जीता.