कभी उड़ाया जाता था मजाक, आज दुनिया में बज रहा डंका! कौन हैं गोल्ड जीतने वाली दीप्ति जीवनजी

Deepthi Jeevanji: तेलंगाना की रहने वाली दीप्ति जीवनजी ने एशियन पैरा गेम्स में लगातार दूसरी बार गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया है.
Deepthi Jeevanji

दीप्ति जीवनजी

Deepthi Jeevanji: भारत की बेटी दीप्ति जीवनजी ने एक बार फिर शानदार प्रदर्शन कर देश का मान बढ़ाया है. तेलंगाना की रहने वाली दीप्ति ने एशियन पैरा गेम्स में लगातार दूसरी बार गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया है. उन्होंने 400 मीटर T20 प्रतियोगिता में भारत के लिए गोल्ड जीता. दीप्ति ने 56.36 सेकेंड में इस रेस को पूरा कर नया कीर्तिमान स्थापित किया.

कौन हैं दीप्ति जीवनजी?

तेलंगाना की रहने वाली दीप्ति जीवनजी भारतीय पैरा एथलीट हैं. वह 400 मीटर की टी20 कैटेगरी में प्रतिस्पर्धा करती हैं. वारंगल जिले के कल्लेडा गांव में जन्मी दीप्ति के लिए यह सफर बिल्कुल भी आसान नहीं था. बौद्धिक विकलांगता के साथ जन्मी दीप्ति का सिर जन्म के समय छोटा था और उनके चेहरे के फीचर्स थोड़े अलग और असामान्य थे, जिसके चलते उन्हें समाज और रिश्तेदारों ने खूब ताने सुनाए. यहां तक की कुछ लोगों ने उनकी तुलना जानवरों तक से कर दी थी. लोगों ने उनके माता-पिता को सलाह दी कि वे दीप्ति को किसी अनाथालय में छोड़ दें.

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लगातार दूसरी बार जीता गोल्ड

एशियन पैरा गेम्स 2026 में 400 मीटर T20 प्रतियोगिता में दीप्ति जीवनजी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत के लिए गोल्ड जीता. उन्होंने 56.36 सेकेंड का समय निकालकर नया एशियाई रिकॉर्ड बनाया. इस जीत के साथ उन्होंने एशियन पैरा गेम्स में लगातार दूसरी बार गोल्ड मेडल जीत लिया है. इससे पहले साल 2024 के पैरा वर्ल्ड चैंपियनशिप में उन्होंने गोल्ड जीता था. जबकि पैरालंपिक खेलों में भी वह ब्रॉन्ज मेडल जीत चुकी हैं.

मां-बाप ने नहीं छोड़ा साथ

लोगों के तानों के बीच दीप्ति के गरीब दिहाड़ी माता-पिता ने बिना दुनिया की परवाह किए अपनी बेटी का साथ दिया और उसे पाला-पोसा. अपनी इस कमी और मानसिक रूप से जानकारी प्रोसेस करने, एकाग्रता रखने जैसी चुनौतियों से जूझते हुए दीप्ति ने कभी हार नहीं मानी. महज 15 साल की उम्र में SAI के कोच एन. रमेश ने स्टेट लेवल मीट में उनके टैलेंट को पहचाना और उनके पंखों को उड़ान दी.

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