जस्टिस प्रणय वर्मा की बेंच ने पूरे मामले की सुनवाई की. इस दौरान कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि आदेश के बाद अधिकारियों ने बात नहीं मानी और बार-बार कोर्ट को गुमराह करने की कोशिश की. कोर्ट ने चारों अधिकारियों को 2 महीने की साधारण सजा सुनाई.