ऐसा नहीं है कि शेख हसीना पहली बार हिंसा का सामना कर रही हों. उनका राजनीतिक जीवन, उनके देश की तरह हिंसा से ही शुरू हुआ. 15 अगस्त 1975 को तख्तापलट के दौरान सेना के अधिकारियों ने ही उनके पिता शेख मुजीबुर्रहमान की हत्या कर दी थी.
पिता की हत्या से ठीक 15 दिन पहले ही अपनी बहन के साथ हसीना जर्मनी चली गई थीं. हसीना के पति न्यूक्लियर साइंटिस्ट थे और जर्मनी में ही रहते थे.
बंगाल की मुख्यमंत्री और टीएमसी चीफ ममता बनर्जी ने कहा, "संयुक्त राष्ट्र की नीतियों के मुताबिक, मैं बांग्लादेश से आए शरणार्थियों को शरण दे सकती हूं. ये दो देशों के बीच का मामला है. मेरे बयान को तोड़ मरोड़ कर पेश किया गया है, कुछ बीजेपी नेताओं ने किया है और कुछ बांग्लादेश के लोगों ने.."
पिछले कुछ दिनों से बांग्लादेश में अशांति फैली हुई है. बांग्लादेश के अधिकारियों ने पूरे देश में सख्त कर्फ्यू लगा दिया है और राजधानी ढाका के कुछ हिस्सों में सैन्य कर्मियों ने गश्त की है.
विदेश मंत्रालय ने कहा है कि ये बांग्लादेश का आंतरिक मामला है और वहां पर रहने वाले सभी भारतीय सुरक्षित हैं. इस बीच ढाका से अब तक 400 भारतीय छात्रों को निकाला जा चुका है.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि विरोध प्रदर्शन में किसी भारतीय को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है और उच्चायोग भारतीय नागरिकों की मदद के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है.
Teesta River Project: शुक्रवार को बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना भारत दौरे पर पहुंची थी. इसी दौरान शनिवार को भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के समय तीस्ता नदी के संरक्षण और प्रबंधन में बांग्लादेश की सहायता का ऐलान किया गया.
एनडीए के लगातार तीसरी बार सरकार बनाने के बाद वह भारत आने वाली पहली विदेशी नेता हैं. दोनों नेताओं ने विकास साझेदारी, ऊर्जा, जल संसाधन, व्यापार, रक्षा सहयोग आदि सहित द्विपक्षीय सहयोग के क्षेत्रों पर व्यापक चर्चा की.
भाजपा को चुनावों में अपने दम पर बहुमत नहीं मिल सका, लेकिन पार्टी के नेतृत्व वाले गठबंधन ने 543 में से 293 सीटें हासिल की. निचले सदन में बहुमत का आंकड़ा 272 है.
West Bengal News: बांग्लादेश के सांसद अनवारूल अजीम अनार(Anwarul Azim Anar) प्रधानमंत्री शेख हसीना की पार्टी के सदस्य हैं.