रामलीला मैदान सिर्फ एक मैदान नहीं है, ये दिल्ली के इतिहास और राजनीति का दिल है. यह वो जगह है, जहां से आवाज़ उठी, जहां बदलाव की लहर चली, और जहां से सत्ता की राह बनी.
शपथ ग्रहण समारोह से पहले रंगारंग कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा, जिसमें देश के मशहूर कलाकारों और संगीतकारों का प्रदर्शन होगा. कैलाश खेर जैसे नामी कलाकार अपने सुरों का जादू बिखेरेंगे, वहीं फिल्मी जगत के सितारे मंच पर अपनी मौजूदगी से कार्यक्रम को और भी शानदार बनाएंगे.
दिल्ली की राजनीति में जितेंद्र महाजन की छवि को देखकर यह कहा जा सकता है कि अगर बीजेपी को मुख्यमंत्री के रूप में एक क्षेत्रीय नेता की जरूरत है, तो उनका नाम सबसे उपयुक्त होगा. उनका नाम इस समय चर्चा में है और बीजेपी की अंदरूनी बैठकों में भी उनके बारे में विचार किया जा सकता है.
CG Nikay Chunav: छत्तीसगढ़ में कल नगरीय निकाय चुनाव के नतीजे आए. इन नतीजों में सत्ताधारी दल बीजेपी ने अपनी उम्मीद से अच्छा प्रदर्शन किया है. लेकिन सच्चाई ये भी है कि ये चुनाव सूबे के कुछ मंत्रियों के लिए केवल चुनौती नहीं. कुर्सी बचाने का भी चुनाव माना जा रहा था.
CG News: छत्तीसगढ़ में नगरीय निकाय चुनाव के नतीजे आते ही BJP ने बागियों पर एक्शन लिया है. बीजेपी ने पार्टी प्रर्याशियों के खिलाफ निर्दलीय चुनाव लड़ने वाले 9 भाजपा कार्यकर्ताओं को पार्टी से निष्कासित कर दिया है.
बीजेपी ने अपने ‘किसान हित’ और ‘महिला शक्ति’ के कार्ड से कांग्रेस के दावों को ध्वस्त कर दिया. जैसे कि कोई सुपरहीरो अपने दुश्मन को नॉकआउट करता है, वैसे ही भाजपा ने चुनावी रणनीति से कांग्रेस को पीछे छोड़ दिया.
आपने देखा कि विधानसभा चुनाव के परिणाम बीजेपी के पक्ष में आए थे, लेकिन नतीजे आने के छह दिन बाद भी सीएम का नाम सामने नहीं आया है. यह सवाल उठता है कि ऐसा क्यों हुआ? इसका मुख्य कारण यह है कि चुनाव परिणाम के बाद प्रधानमंत्री मोदी को पहले से तय एक विदेशी दौरे पर जाना था. प्रधानमंत्री के विदेश दौरे के चलते बीजेपी को सीएम के नाम की घोषणा में थोड़ी देरी हुई.
रिपोर्ट्स की मानें तो सरकार बनते ही बीजेपी पिछली सरकार के मोहल्ला क्लीनिकों का नाम बदल सकती है. इसके साथ मोहल्ला क्लीनिकों में भ्रष्टाचार की जांच के लिए समिति बना सकती है.
सर्वे के अनुसार, अगर आज उत्तर प्रदेश में चुनाव होते हैं, तो भाजपा का NDA गठबंधन इंडिया गठबंधन से थोड़ा आगे रहेगा. इस ताजा सर्वे में NDA को 43 से 45 सीटों के बीच मिलने का अनुमान है, जबकि इंडिया गठबंधन (सपा और कांग्रेस) को 34 से 36 सीटों के बीच मिल सकती हैं.
एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली के 70 निर्वाचित विधायकों में से 31 के खिलाफ आपराधिक मामले हैं, जिसमें 17 विधायक गंभीर आरोपों का सामना कर रहे हैं. इन आरोपों में हत्या के प्रयास और महिलाओं के खिलाफ अपराध जैसे गंभीर मामले शामिल हैं.