शिक्षिका संध्या बताती हैं कि वह अपनी स्कूटर को मरना इलाके में खड़ा करती हैं. इसके बाद करीब 3 किलोमीटर का सफर पैदल तय करना पड़ता है. रास्ता पथरीला और ऊबड़-खाबड़ है. लेकिन असली चुनौती इसके बाद शुरू होती है. नदी सामने होती है.