Devkinandan Thakur Statement: भोपाल में कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने राम मंदिर दान मामले, मंदिर प्रबंधन, विवाह परंपराओं और सामाजिक मूल्यों पर खुलकर अपनी राय रखी. उन्होंने मंदिरों के लिए ‘सनातन बोर्ड’ बनाने और शास्त्रसम्मत परंपराओं को फिर से अपनाने की बात कही है.
देवकीनंदन ने आगे कहा कि सनातन में किसी भी धार्मिक अनुष्ठान की शुरुआत तिलक से होती है. जबकि बड़ी संख्या में लोग खुद को हिंदू और सनातनी कहते हैं लेकिन वास्तव में वे सनातन के नियमों और परंपराओं का अनुसरण नहीं करते हैं.