MP News: मंच पर नहीं बैठने का संकल्प लेने वाले दिग्विजय सिंह गणतंत्र दिवस के मौके पर पीसीसी दफ्तर में ध्वजारोहण के लिए बने मंच पर नहीं चढ़े.
कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने भोजशाला विवाद पर कहा, 'मैं उच्चतम न्यायालय के फैसले का स्वागत करता हूं. यह व्यवस्था 2003, 2013 और 2016 में कायम रखी गई है.'
दिग्विजय सिंह ने कहा, 'भाजपा और आरएसएस इनका कोई लेना देना धर्म से नहीं है. ये कहते हैं कि हिंदुओं एक हो जाओ, मुसलमानों से खतरा है. एआईएमआईएम के ओवैसी कहते हैं कि मुसलमानों एक हो जाओ, हिंदुओं से खतरा है. दोनों मिलकर खेल खेलते हैं.'
वहीं दलित नेता को कांग्रेस की तरफ से राज्यसभा भेजने को लेकर भी दिग्विजय सिंह ने बात की है. दिग्विजय सिंह ने कहा, 'ये मेरे हाथ में नहीं है. बस इतना जरूर है कि मैं सीट खाली कर रहा हूं.'
MP News: कांग्रेस पार्टी से राज्यसभा की रेस शुरू हो गई है. राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह का कार्यकाल खत्म होने से पहले ही कई दावेदार कतार में खड़े हो गए हैं.
पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि अधिकारियों की वजह से दलित एजेंडा फेल हुआ है. दलित एजेंडा अधकचरा था. दलित एजेंडा फेल होने से तीसरी बार दिग्विजय सिंह की सरकार नहीं आ पाई.
हिंदू सम्मेलन को लेकर पूर्व CM दिग्विजय सिंह के दिए बयान पर बवाल मच गया है, उन्होंने कहा कि भागीरथपुरा घटना में भी हिंदू ही मरे हैं. इस प्रकार का आयोजन आगे नहीं टाल सकते थे? क्यों एक बार फिर से देश में आग लगाना चाहते हो..."
मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा कि किसानों की समस्याओं के समाधान की दिशा में सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया. खाद नहीं मिल रही, किसान को उसकी उपज का सही मूल्य नहीं मिल पा रहा. किसी भी समस्या का कोई इलाज नहीं हो रहा.
सियासी पंडितों का कहना है कि दिग्विजय सिंह कोई भी बयान ऐसे ही नहीं देते हैं. हर एक बयान के पीछे दिग्विजय सिंह की एक रणनीति होती है.
कुछ महीने पहले भी कांग्रेस नेता ने संघ पर हिंदुओं को भड़काने का आरोप लगाया था और सवाल उठाया था कि चंदा वसूली का करोड़ों रुपया कहां जाता है.