हिंदू सम्मेलन को लेकर पूर्व CM दिग्विजय सिंह के दिए बयान पर बवाल मच गया है, उन्होंने कहा कि भागीरथपुरा घटना में भी हिंदू ही मरे हैं. इस प्रकार का आयोजन आगे नहीं टाल सकते थे? क्यों एक बार फिर से देश में आग लगाना चाहते हो..."
मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा कि किसानों की समस्याओं के समाधान की दिशा में सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया. खाद नहीं मिल रही, किसान को उसकी उपज का सही मूल्य नहीं मिल पा रहा. किसी भी समस्या का कोई इलाज नहीं हो रहा.
सियासी पंडितों का कहना है कि दिग्विजय सिंह कोई भी बयान ऐसे ही नहीं देते हैं. हर एक बयान के पीछे दिग्विजय सिंह की एक रणनीति होती है.
कुछ महीने पहले भी कांग्रेस नेता ने संघ पर हिंदुओं को भड़काने का आरोप लगाया था और सवाल उठाया था कि चंदा वसूली का करोड़ों रुपया कहां जाता है.
MP News: कांग्रेस ने दिग्विजय को गोवा प्रभारी बनाया था और कांग्रेस गोवा में जीता हुआ, चुनाव हार गई थी. इसके बाद सोनिया गांधी ने दिग्विजय से नाराजगी जताई थी. अब दिग्विजय के बयानों से राहुल गांधी के नाराज होने की खबर भी सामने आई है.
तमिलनाडु से कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने आरएसएस की तुलना अलकायदा से कर दी. इस पर दिग्विजय सिंह ने कहा, 'सबका अपना-अपना मत है और अपने-अपने विचार रख दिए हैं
डॉ. मोहन यादव ने बयान दिया कि दिग्विजय सिंह ने RSS को एक आदर्श संगठन कहा है और भाजपा में उनका स्वागत है.
दिग्विजय सिंह की सोशल मीडिया पोस्ट के बाद सियासी बवाल मच गया है. दिग्विजय की पोस्ट के अलग-अलग सियासी मायने निकाले जा रहे हैं.
दिग्विजय सिंह ने आगे कहा, 'मैं जब मुख्यमंत्री था, तो मेरे खिलाफ विश्व हिंदू परिषद ने झूठा प्रचार किया था. मुझ पर आरोप लगाते हैं कि मैं मुस्लिम और ईसाई हूं. मैं सनातन धर्म का पालन करने वाला हूं.'