Pandhurna Gotmar Fair: महाराष्ट्र के बॉर्डर पर स्थित पांढुर्णा जिला अपने एक खास त्योहार के लिए जाना जाता है, जिसे गोटमार मेला कहा जाता है. लोगों का मानना है कि इस परंपरा की शुरुआत 17वीं शताब्दी में हुई थी, यानी गोटमार को 300 साल से भी ज्यादा हो चुके हैं.