Hanuman Jayanti 2026

Hanuman Jayanti 2026

Hanuman Jayanti 2026: क्या सुबह नहीं कर पाए हनुमान जी की पूजा? शाम को इस शुभ मुहूर्त में करें बजरंगबली को प्रसन्न

Hanuman Jayanti 2026: इस साल हनुमान जयंती पर पूजा करने के लिए दो खास समय यानी मुहूर्त बताए गए हैं. सुबह का शुभ समय 6:10 से 7:44 बजे तक था, जो अब बीत चुका है. लेकिन परेशान होने की बात नहीं है, क्योंकि शाम को 6:39 से रात 8:06 बजे तक पूजा का एक और बेहतरीन मुहूर्त है.

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Hanuman Jayanti 2026: आज हनुमान जन्‍मोत्सव, जानिए बजरंगबली की पूजन का शुभ मुहूर्त और महत्व

Hanuman Jayanti 2026: भगवान हनुमान का जन्म चैत्र पूर्णिमा के दिन हुआ था. उन्हें भगवान शिव का रुद्रावतार माना जाता है और वे भगवान श्रीराम के अनन्य भक्त थे.

Ranjit Hanuman Dham, Indore

Indore: हनुमान जयंती पर फूलों से सजेगा बाबा रणजीत का बंगला, केसरिया महल में भक्तों को देंगे दर्शन

Indore: बाबा रणजीत केसरिया महल में अपने भक्तों को दर्शन देंगे. पूरे मंदिर को आज केसरिया पर्दों से सजाया जा रहा है. वहीं केसरिया रंग मंदिर में रंगा हुआ नजर आने वाला है.

Hanuman Jayanti Mangal Gochar 2026

Mangal Gochar 2026: हनुमान जयंती पर मंगल गोचर संयोग, इन 4 राशियों की बदल जाएगी किस्‍मत

Mangal Gochar 2026: ज्योतिष मान्‍यता के हिसाब से इस साल हनुमान जयंती पर एक बड़ा ही अद्भूत संयोग बनने जा रहा है. हनुमान जयंती के दिन मंगल का राशि परिवर्तन होने वाला है.

Hanuman Jayanti 2026

Hanuman Jayanti 2026: हनुमान जयंती पर बजरंगबली को चढ़ाएं ये शुभ चीजें, बरसेगी पवन पुत्र की कृपा

Hanuman Jayanti 2026: हिंदू धर्म में हनुमान जंयती का त्योहार भक्तों के लिए बहुत ही विशेष महत्व रखता है. हर साल हनुमान जी का जन्मदिन दो बार मनाया जाता है.

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Hanuman Jayanti 2026: 1 या 2 अप्रैल कब है हनुमान जयंती? जानिए मुहूर्त, सही तारीख और पूजा विधि

Hanuman Jayanti 2026: हिंदू धर्मशास्त्रों के मुताबिक जिस दिन पूर्णिमा तिथि सूर्य उदय के समय हो तो उस दिन पूर्णिमा व्रत किया जाता है. हनुमान जयंती चैत्र महीने की पूर्णिमा तिथि को मनाई जाती है.

Hanuman Jayanti

Hanuman Jayanti 2026: कब है हनुमान जयंती, 1 या 2 अप्रैल? इस दिन बजरंगबली का ध्‍यान करने से मिलेगी संकटों से मुक्ति

Hanuman Jayanti 2026: स्वयं श्रीराम के जीवन में भी जब संकट आए, तब हनुमान जी ने अपने पराक्रम और भक्ति से उनका मार्ग प्रशस्त किया.

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