डॉ राधाकृष्ण शर्मा ने लगभग 18 सालों तक प्रमोशन के लिए कानूनी लड़ाई लड़ी, लेकिन इस दौरान उनकी मौत हो गई. डॉ शर्मा की मौत के बाद उनके बेटे रमन शर्मा ने कानूनी लड़ाई लड़ी और आखिरकार उन्हें जीत मिली.