शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त टीम ने मामले का सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत मांगने की बात सही पाई गई. इसके बाद 12 जून 2026 को ट्रैप दल का गठन किया गया. लोकायुक्त टीम ने गौतमपुरा स्थित संस्था कार्यालय में कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को शिकायतकर्ता से 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया.