बारसे देवा और सुरेंद्र को ऑपरेशन की जिम्मेदारी दी गई. एंबुश की जगह तय करने से लेकर राशन और अन्य सामान जुटाने तक की जिम्मेदारियां अलग-अलग नक्सली कमांडरों को दी गई थीं.