झीरम घाटी कांड: 101 गवाह और 185 पेज का जजमेंट…साजिश से लेकर हमले तक हुए कई अहम खुलासे
झीरम घाटी नक्सली हमला
Jhiram Ghati Kand: बस्तर: 25 मई 2013 को छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले के झीरम घाटी में हुए नक्सली हमले में चली NIA कोर्ट की जांच के बाद इस हत्याकांड का जजमेंट आ चुका. और अब इस मामले की जजमेंट कॉपी भी सामने आ गई है, जजमेंट में 25 फरवरी 2013 से लेकर 25 मई के हमले तक की पूरी साजिश और नक्सलियों की तैयारियों को लेकर कई अहम बातें सामने आई हैं.
जजमेंट कॉपी में हुए बड़े खुलासे
जजमेंट के मुताबिक, 25 फरवरी 2013 को साउथ रीजनल यूनिफाइड कमांड की बैठक में झीरम घाटी में बड़ी घटना को अंजाम देने का फैसला लिया गया था. बारसे देवा और सुरेंद्र को ऑपरेशन की जिम्मेदारी दी गई. एंबुश की जगह तय करने से लेकर राशन और अन्य सामान जुटाने तक की जिम्मेदारियां अलग-अलग नक्सली कमांडरों को दी गई थीं.
हमले से पहले चकपाल के जंगल में पूर्व अभ्यास भी किया गया था. जजमेंट में 10 दोषियों की भूमिका का भी जिक्र है. अभियुक्त चैतू लेकाम के बयान के मुताबिक, उसने और प्रमिला ने काफिले पर फायरिंग की थी. चैतू ने अपनी इंसास राइफल से 10 राउंड फायर करने की बात कही.
25 मई 2013 में हुआ था झीरम घाटी कांड
दरअसल 25 मई 2013 को झीरम घाटी में कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा के काफिले पर हमला हुआ था. हमला करने के बाद नक्सलियों ने 22 हथियार लूटे, जिनमें AK-47, इंसास, एमएम पिस्टल और SLR शामिल थे. नंदकुमार पटेल और उनके बेटे दिनेश पटेल और कवासी लखमा को बंधक बनाए जाने का भी जजमेंट में उल्लेख है. NIA की जांच में 101 गवाहों के बयान और 207 साक्ष्य दस्तावेज कोर्ट के सामने पेश किए गए. मामले में कुल 39 आरोपी बनाए गए थे, जिनमें 11 के खिलाफ ट्रायल चला और एक की मौत हो गयी. वहीं 10 को दोषी ठहराते हुए मृत्युदंड की सजा सुनाई गई है. जजमेंट में यह भी स्पष्ट किया गया है कि मृत्युदंड की पुष्टि हाईकोर्ट से होना बाकी है और आरोपियों को फैसले के खिलाफ अपील का अधिकार है. वहीं फरार आरोपियों के खिलाफ निर्णय अभी शेष है.
26/11 मुंबई हमले की नजीर का भी उल्लेख
NIA कोर्ट ने अपने फैसले में 26/11 मुंबई हमले की नजीर का भी उल्लेख किया है. कोर्ट के मुताबिक 26/11मुंबई हमले से पहले अजमल कसाब और उसके साथियों ने पाकिस्तान में हमले की साजिश रची और इसके बाद मुंबई में लोगों पर हमला किया.
10 आरोपियों को मृत्युदंड
इसी तरह झीरम घाटी मामले में भी कोर्ट ने माना कि परिवर्तन यात्रा के काफिले पर हमला करने और 27 लोगों की हत्या की साजिश में इन 10 आरोपियों ने अपनी-अपनी भूमिका निभाई.कोर्ट ने मामले की गंभीरता और साजिश में आरोपियों की भूमिका को देखते हुए इसे दुर्लभ से दुर्लभतम अपराध माना और इसी आधार पर 10 आरोपियों को मृत्युदंड की सजा सुनाई.
ममता को फुटबॉल खिलाड़ी और ऋतव्रत को लिफाफा… EC ने TMC के दोनों गुटों को बांटे सिंबल