पर्दे पर कहानी खत्म होने के बाद दर्शक एक साधारण रास्ते से बाहर निकलते हैं. वहां न कोई खास सजावट होती है, न तस्वीरें खिंचवाने के लिए आकर्षक जगह और न ही ऐसा माहौल, जहां लोग कुछ देर रुककर फिल्म के अनुभव को जी सकें.