Sagar News: इस महाअनुष्ठान की सबसे विशिष्ट विशेषता रही मां राजराजेश्वरी हरिद्रा कोटि कुंकुमार्चन, जिसमें मां को अतिप्रिय हरिद्रा (हल्दी) और आदिशक्ति के चैतन्य का प्रतीक कुमकुम करोड़ों अर्चनों के माध्यम से अर्पित किया गया. यह केवल पूजन नहीं, बल्कि लोकमंगल, विश्वशांति, सुख-समृद्धि और समस्त मानवता के कल्याण का सामूहिक वैदिक संकल्प था.
मध्य प्रदेश के भिंड जिला मुख्यालय के पास स्थित रावतपुरा धाम आज श्रद्धालुओं के लिए बड़ा और एक प्रमुख धार्मिक केंद्र बन गया है. लोगों का मानना है कि यहां मांगी जाने वाली हर मुराद पूरी होती है. यहां पर साक्षात हनुमान जी विराजते हैं.