स्टूडेंट्स का सुसाइड करना सिर्फ बोर्ड एग्जाम तक ही सीमित नहीं है, बल्कि नीट और सिविल सर्विसेज एग्जाम में भी स्टूडेंट्स पर दबाव देखा जाता है. स्टूडेंट्स के सामने एक फिक्स मानक को सर्वश्रेष्ठ बनाकर रखा जाता है. ऐसे में अगर वे निर्धारित लक्ष्य तक प्रदर्शन नहीं कर पाते हैं तो उन्हें जिंदगी खत्म कर लेना एक बेहतर विकल्प लगता है.