अपने दो पन्नों के सुसाइड नोट में प्रियांशु ने बताया कि उसने ट्यूशन देकर पैसे कमाएं, जिससे कि घर के खर्चों में मदद की जा सके. पिता मेरी जिंदगी में जरूरत से ज्यादा दखल देते थे. इसलिए जीने की इच्छा खत्म हो गई. हर पल शक की नजर से देखना मानसिक टॉर्चर था.