इस शहर में शुरू हुआ बैरियर-फ्री टोल बूथ, बिना रुके अपने-आप कटेगा टोल, जानिए कैसे करता है काम

Toll Deduction Without Stopping: यह नई तकनीक बाकी टोल बूथों से बिल्कुल अलग है, क्योंकि इसमें सड़क पर कोई फिजिकल बैरियर नहीं होता. सूरत के इस प्रोजेक्ट में मल्टी-लेन फ्री फ्लो तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, जहां सड़क के ऊपर एक विशाल स्टील का ढांचा लगा है.
toll deduction without stopping

अब बिना गाड़ी रुके ही टोल कटेगा

Toll Deduction Without Stopping: भारत ने स्मार्ट परिवहन की ओर कदम बढ़ाते हुए सूरत में देश के पहले बैरियर-मुक्त टोल बूथ की शुरुआत की है. एनएच-48 स्थित चौरासी टोल प्लाजा पर लागू इस अत्याधुनिक सिस्टम के तहत अब टोल भरने के लिए लोगों को रुकना नहीं पड़ता. इस स्वचालित तकनीक के जरिए गाड़ियां अपनी सामान्य गति से प्लाजा पार कर सकती हैं और टोल राशि अपने आप कट जाती है, जिससे जाम और लंबी कतारों की समस्या पूरी तरह खत्म हो गई है.

यह टोल बूथ सबसे अलग क्यों है?

यह नई तकनीक बाकी टोल बूथों से बिल्कुल अलग है, क्योंकि इसमें सड़क पर कोई फिजिकल बैरियर नहीं होता. सूरत के इस प्रोजेक्ट में मल्टी-लेन फ्री फ्लो तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, जहां सड़क के ऊपर एक विशाल स्टील का ढांचा लगा है. इस ढांचे में 36 हाई-टेक कैमरे और जीपीएस सेंसर लगाए गए हैं, जो तेज रफ्तार में भी गाड़ियों की पहचान कर लेते हैं. लगभग 15,000 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह सिस्टम अमेरिका और दुबई जैसी अंतरराष्ट्रीय सुविधाओं की तर्ज पर बनाया गया है.

अपने आप टोल कैसे कट जाता है?

  • जैसे ही आपकी गाड़ी सामान्य रफ्तार में गैन्ट्री के नीचे से गुजरती है, यह स्मार्ट सिस्टम तुरंत काम करना शुरू कर देता है.
  • हाई-स्पीड RFID रीडर गाड़ी पर लगे FASTag को स्कैन करते हैं, जबकि आधुनिक कैमरे गाड़ी की नंबर प्लेट की फोटो लेते हैं.
  • सिस्टम इन दोनों जानकारियों का आपस में मिलान करता है ताकि गाड़ी की पहचान पूरी तरह पक्की हो सके.
  • पहचान पक्की होते ही टोल की राशि आपके FASTag से जुड़े बैंक अकाउंट या वॉलेट से अपने आप कट जाती है.
  • भुगतान सफल होते ही गाड़ी मालिक के मोबाइल पर एक SMS कन्फर्मेशन भेज दिया जाता है.

 FASTag न होने पर क्या होगा?

  • एएनपीआर (ANPR) कैमरे तुरंत नंबर प्लेट की फोटो लेकर गाड़ी को FASTag नियमों के उल्लंघन के लिए मार्क कर देते हैं.
  • पकड़ी गई गाड़ियों की जानकारी सीधे कंट्रोल रूम को भेजी जाती है ताकि नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा सके.
  • नियमों को तोड़ने पर ई-चालान या नोटिस जारी किया जाता है, जिसके बाद आपसे टोल और जुर्माना सीधे डिजिटल तरीके से वसूल लिया जाता है.
  • आप अपनी गाड़ी का चालान भरने के लिए Parivahan ई-चालान पोर्टल का उपयोग कर सकते हैं.

FASTag में पैसा नहीं है तो क्या होगा?

  • वहीं अगर गाड़ी में FASTag लगा है, लेकिन उसमें पैसा नहीं है या कम है, तो सिस्टम क्रॉसिंग को रिकॉर्ड कर लेता है.
  • गाड़ी मालिक के पास तुरंत एक एसएमएस या ऐप अलर्ट भेज दिया जाता है, जिसमें उससे रिचार्ज कराने के लिए कहा जाता है.
  • अगर गाड़ी मालिक FASTag के तय समय के अंदर रिचार्ज नहीं करता है, तो सिस्टम पेनल्टी या फिर ई चालान बना देता है.

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किस लिए इस सिस्टम को तैयार किया गया है?

  • चोरी न हो सके उसके लिए इस आधुनिक सिस्टम को तैयार किया गया है.
  • हाईवे लेन को रडार और लीडार से लैस ड्यूल कैमरों से देखा जाता है.
  • ये कैमरे 360 डिग्री तक रोटेट करते हैं और हर पल को रियल टाइम में ही रिकार्ड किया जाता है.
  • यहां का सारा डेटा नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया के सर्वर पर सेव होता है.

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