30 लाख का इनामी नक्सली बृजेश गंझू ढेर, UP ATS ने वाराणसी में मुठभेड़ में मार गिराया
टीपीसी सुप्रीमो बृजेश गंझू उर्फ गोपाल सिंह ढेर
Brijesh Ganjhu: देश से नक्सलियों का खात्मा लगातार जारी है. कई राज्यों में नक्सली पूरी तरह से खत्म हो चुके हैं, तो वहीं जो छुटपुट बचे हुए हैं. उन्हें भी सुरक्षा एजेंसियां चुन-चुन कर मार रही हैं. इसी कड़ी में वाराणसी में रविवार सुबह यूपी ATS ने मुठभेड़ में 30 लाख के इनामी नक्सली को यूपी एटीएस ने मार गिराया है. मारे गए नक्सली का नाम बृजेश गंझू उर्फ गोपाल सिंह भोक्ता है. जिस पर झारखंड में 25 लाख और एनआईए ने 5 लाख का इनाम रखा था.
पुलिस के मुताबिक, रामनगर इलाके में उसे रोकने की कोशिश की गई थी, लेकिन उसने कथित तौर पर टीम पर फायरिंग शुरू कर दी. जवाबी कार्रवाई में वह घायल हुआ और अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
कौन है बृजेश गंझू?
बृजेश गंझू झारखंड के चतरा जिले का रहने वाला था प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन तृतीय प्रस्तुति कमेटी (TPC/TSPC) का प्रमुख कमांडर बताया जाता था. रिपोर्टों के अनुसार, उसने 2004 के आसपास संगठन खड़ा किया था. संगठन का प्रभाव झारखंड के चतरा, रांची, हजारीबाग, लातेहार और पलामू समेत कुछ इलाकों में रहा है. उसके ज्यादातर साथी मारे जा चुके हैं तो बचे हुए साथी इस समय जेल में बंद हैं.
किन आरोपों में दर्ज हैं मामले?
बृजेश गंझू के खिलाफ कारोबारियों, ट्रांसपोर्टरों और ठेकेदारों से लेवी वसूलने समेत कई गंभीर आरोप बताए गए हैं. बृजेश का नाम टंडवा टेरर फंडिंग केस में भी सामने आया था. NIA की जांच में उसका नाम आरोपियों की सूची में शामिल किया गया था. यही वजह है कि एनआईए भी उसकी तलाश में लंबे समय से लगी हुई थी. बाद में टीम ने उस पर 5 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था.
मुठभेड़ में दो सुरक्षाकर्मी भी घायल
बृजेश पर झारखंड सरकार ने 25 लाख रुपये और NIA ने 5 लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था. यानी उसकी गिरफ्तारी पर कुल 30 लाख रुपये का इनाम था. एनकाउंटर के दौरान उसकी ओर से चली गोली यूपी ATS के दो पुलिसकर्मियों की बुलेटप्रूफ जैकेट पर भी लगी, हालांकि दोनों सुरक्षित बताए गए हैं.
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