काशी विश्वनाथ मंदिर के स्वर्ण शिखर से सोना गायब? PMO में शिकायत, मंदिर प्रशासन ने दावों को किया खारिज
काशी विश्वनाथ मंदिर (फाइल फोटो)
Kashi Vishwanath: वाराणसी के प्रसिद्ध काशी विश्वनाथ मंदिर के स्वर्ण शिखर से सोना गायब होने के आरोप ने विवाद खड़ा कर दिया है. शहर के वकील नित्यानंद राय ने इस मामले में प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) और मुख्यमंत्री कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई है. उन्होंने मंदिर के उत्तरी द्वार के ऊपर लगी दो जगहों से स्वर्ण कलश गायब होने की आशंका जताते हुए जांच की मांग की है. हालांकि, मंदिर प्रशासन ने सोना गायब होने के आरोपों को खारिज किया है.
19 सितंबर को दर्ज कराई शिकायत
नित्यानंद राय के मुताबिक, उन्होंने 19 सितंबर को इस मामले में शिकायत दर्ज कराई थी. उनका आरोप है कि मंदिर के उत्तरी द्वार के ऊपर स्वर्ण शिखर पर पहले दिखाई देने वाले दो कलश अब नजर नहीं आ रहे हैं. उन्होंने इस संबंध में मंदिर प्रशासन से जानकारी मांगी थी, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिलने का दावा किया. वकील ने मंदिर की आधिकारिक वेबसाइट पर भी स्वर्ण शिखर से जुड़ी जानकारी उपलब्ध नहीं होने की बात कही है.
सोने की परत ढीली होने पर भी उठाए सवाल
शिकायत में स्वर्ण शिखर के अन्य हिस्सों पर लगी सोने की परत को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं. नित्यानंद राय ने आशंका जताई है कि कुछ स्थानों से सोने के छोटे पैच गायब हो सकते हैं. उन्होंने कुछ जगहों पर सोने की परत ढीली होने का जिक्र करते हुए इसकी सुरक्षा और मजबूती की जांच कराने की मांग की है.
सोने-चांदी का ब्योरा सार्वजनिक करने की मांग
वकील ने काशी विश्वनाथ मंदिर में सोने और चांदी के इस्तेमाल का पूरा विवरण सार्वजनिक करने की मांग भी की है. उन्होंने मंदिर परिसर में इन कीमती धातुओं की स्थिति, उनके उपयोग और सुरक्षा से जुड़ी जानकारी सामने लाने के लिए श्वेतपत्र जारी करने का सुझाव दिया है. उनका कहना है कि इससे स्वर्ण शिखर को लेकर उठ रहे सवालों का स्पष्ट जवाब मिल सकेगा.
प्रशासन का दावा- सुरक्षित रखा गया कलश
दूसरी ओर, मंदिर कार्यपालक समिति के अध्यक्ष और वाराणसी के मंडलायुक्त एस. राजलिंगम ने सोना गायब होने के आरोपों को गलत बताया है. उनके अनुसार, करीब तीन महीने पहले ओलावृष्टि के दौरान मंदिर के प्रवेश द्वार के ऊपर लगे एक स्वर्ण कलश का हिस्सा गिर गया था. मंदिर प्रशासन ने उसे बरामद कर सुरक्षित रूप से भंडारगृह में रखवा दिया है. प्रशासन का कहना है कि सोना पूरी तरह सुरक्षित है.
आईआईटी मद्रास करेगी स्वर्ण शिखर की जांच
मामले की जांच के बीच मुख्यमंत्री कार्यालय ने मंदिर प्रशासन को आंतरिक जांच करने के निर्देश दिए हैं. वहीं, स्वर्ण शिखर की संरचनात्मक मजबूती का आकलन करने और जरूरी मरम्मत के लिए आईआईटी मद्रास से संपर्क किया गया है. संस्थान की टीम शिखर का प्राथमिक सर्वे कर चुकी है और पूरे ढांचे की मरम्मत की सिफारिश की है.
तकनीकी रिपोर्ट के बाद दोबारा लगेगा कलश
मंडलायुक्त के मुताबिक, तकनीकी आकलन के लिए आईआईटी मद्रास को भुगतान भी किया जा चुका है. संस्थान की टीम अक्टूबर के आखिरी सप्ताह में मंदिर का दौरा करेगी. विशेषज्ञों की रिपोर्ट मिलने के बाद मरम्मत का काम कराया जाएगा और तकनीकी जांच पूरी होने पर कलश को दोबारा स्थापित करने पर फैसला लिया जाएगा.
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