अखिलेश-संजय की मुलाकात के बाद कांग्रेस क्यों सतर्क? जानें यूपी की नई सियासी गणित
राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे
Congress AAP UP: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले सभी राजनीतिक दल अपने-अपने नए सहयोगियों और पुराने सहयोगियों से मुलाकात कर रहे हैं. जिसमें नए समीकरणों पर बात की जा रही है. अध्यक्ष अखिलेश यादव और सांसद संजय सिंह की हालिया मुलाकात ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है. मुलाकात के बाद कांग्रेस भी अलर्ट नजर आ रही है. यही वजह है कि यूपी से लेकर दिल्ली तक कांग्रेस के अंदर बातचीत का दौर जारी है, जिसमें आगे की रणनीति पर काम किया जा रहा है.
सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस की चिंता यह है कि उत्तर प्रदेश में आम आदमी पार्टी के साथ किसी भी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष राजनीतिक तालमेल से विपक्षी वोटों का बंटवारा हो सकता है. कांग्रेस पहले भी आरोप लगाती रही है कि AAP कई राज्यों में चुनाव लड़कर विपक्षी वोटों को बांटती है, जिसका फायदा बीजेपी को मिल सकता है.
पंजाब को लेकर भी कांग्रेस की चिंता
कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के रिश्तों में सबसे बड़ी मुश्किल पंजाब को लेकर है. पंजाब में AAP सत्ता में है, जबकि कांग्रेस प्रमुख विपक्षी दल है. ऐसे में कांग्रेस वहां AAP के खिलाफ अपनी राजनीतिक लड़ाई को कमजोर नहीं करना चाहती. खास बात यह भी है कि पंजाब और उत्तर प्रदेश में चुनावी राजनीति का माहौल एक ही समय में गर्म हो सकता है.
पहले भी अलग रही है सियासी राह
2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान आम आदमी पार्टी विपक्षी गठबंधन INDIA का हिस्सा थी. हालांकि, बाद में हरियाणा विधानसभा चुनाव में सीटों पर सहमति नहीं बनने के बाद AAP ने गठबंधन से दूरी बना ली. दिल्ली विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और AAP एक-दूसरे के खिलाफ मैदान में उतरीं. दोनों दलों के बीच तीखी राजनीतिक बयानबाजी भी देखने को मिली.
क्या AAP से दूरी बनाए रखेगी सपा?
कांग्रेस को उम्मीद है कि अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश में AAP के साथ किसी बड़े चुनावी समझौते से बचेंगे. पार्टी नेताओं का मानना है कि यूपी में AAP का बड़ा जनाधार नहीं है, जबकि समाजवादी पार्टी के लिए कांग्रेस एक अहम सहयोगी हो सकती है.
फिलहाल अखिलेश यादव और संजय सिंह की मुलाकात पर सपा, कांग्रेस और AAP—तीनों ने आधिकारिक तौर पर कोई बड़ा बयान नहीं दिया है. लेकिन, इस एक मुलाकात ने विपक्षी खेमे के अंदर भविष्य की सियासी समीकरणों को लेकर चर्चाएं जरूर तेज कर दी हैं.
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