Iran: भारत ने बचाया ईरान का दूसरा युद्धपोत! IRIS Lavan को कोच्चि में डॉकिंग की दी इजाजत, 183 क्रू मेंबर्स सेफ

IRIS Lavan: ईरान ने अमेरिकी हमले से कुछ दिन पहले ही अपने एक अन्य युद्धपोत 'आईरिस लावन' के डॉकिंग के लिए भारत से मदद मांगी थी, जिसे भारत ने स्वीकार्य करते हुए ईरान की मदद की.
IRIS Lavan Iran

ईरानी युद्धपोत आईरिस लावन (File Photo)

Iran: ईरान के युद्धपोत ‘आईरिस देना’ पर अमेरिका ने हमला कर खत्म कर दिया. सरकारी सूत्रों के मुताबिक, ईरान ने अमेरिकी हमले से कुछ दिन पहले ही अपने एक अन्य युद्धपोत ‘आईरिस लावन’ के डॉकिंग के लिए भारत से मदद मांगी थी. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, भारत ने ईरान की शर्त को स्वीकार कर लिया और ईरानी जहाज को कोच्चि में डॉकिंग की अनुमति दे दी थी. ईरान ने भारत से 28 फरवरी को आपात अनुरोध किया था. फिलहाल, ईरान का आईरिस लावन कोच्चि में सुरक्षित डॉक है.

सरकारी सूत्रों के मुताबिक, ईरान की सरकार ने 28 फरवरी 2026 को भारत से मदद की गुहार लगाई. ईरानी सरकार ने अनुरोध किया कि गंभीर तकनीकी समस्याओं की वजह से कोच्चि में डॉकिंग की अनुमति दी जाए. बता दें, 28 फरवरी से ही अमेरिकी और इजरायल ने ईरान पर हमले शुरू किए थे. हालांकि ईरान सरकार के अनुरोध पर भारत ने युद्धपोत ‘आईरिस लावन’ के डॉकिंग की इजाजत 1 मार्च को ही दे दी. इजाजत मिलने के बाद 4 मार्च को ईरान का युद्धपोत भारत के कोच्चि पहुंच गया. जिसमें 183 क्रू मेंबर्स भी मौजूद रहे. सभी सुरक्षित हैं.

अमेरिकी हमले में 32 लोगों की मौत

सूत्रों के मुताबिक, 4 मार्च को ईरानी नौसेना के युद्धपोत आईरिस डेना को अमेरिकी पनडुब्बी ने निशाना बनाते हुए हमला कर दिया, जिसमें करीब 87 क्रू मेंबरों के मारे जाने की खबर है. यह हमला श्रीलंका के दक्षिण में हुआ. हालांकि हमले के बाद श्रीलंका की नौसेना द्वारा 32 लोगों को बचा लिया गया, जिनका इलाज जारी है. भारत भी हमले के बाद मदद के लिए अभियान चलाया और कई गश्ती विमानों को तैनात किया.

ये भी पढ़ेंः मिडिल ईस्ट युद्ध के बीच महंगाई का झटका, 60 रुपए बढ़ गए रसोई गैस सिलेंडर के दाम

एस. जयशंकर ने ईरानी विदेश मंत्री से की बात

ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर से बात की है. ईरानी विदेश मंत्री ने इस मुद्दे को सक्षम कानूनी माध्यमों पर उठाने की बात भी कही है.

ज़रूर पढ़ें