MP हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, सरकारी नौकरी के प्रोबेशन पीरियड में वेतन कटौती को ठहराया अवैध, सरकार से कहा- राशि लौटाएं
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट(File Photo)
MP News: मध्य प्रदेश हाई कोर्ट (Madhya Pradesh High Court) ने गुरुवार को सरकारी नौकरी के दौरान प्रोबेशन पीरियड (Probation Period) के बारे में एक बड़ा फैसला सुनाया है. उच्च न्यायालय ने प्रोबेशन पीरियड के समय वेतन कटौती को अवैध ठहरा दिया है. कोर्ट ने राज्य सरकार के आदेश को रद्द कर दिया है और नए कर्मचारियों को सैलरी की राशि लौटाने के लिए कहा है.
साल 2019 के सर्कुलर को रद्द किया
उच्च न्यायालय ने सरकारी नौकरी की नई भर्तियों को लेकर अहम फैसला दिया है. जब कोई अभ्यर्थी सरकारी नौकरी ज्वॉइन करता है, शुरुआत में वह प्रोबेशन पीरियड में रहता है. मध्य प्रदेश सरकार इस दौरान नए कर्मचारियों को पूरी सैलरी नहीं देती है. हाई कोर्ट ने सामान्य प्रशासन विभाग का 12 दिसंबर 2019 का सर्कुलर रद्द कर दिया है. इसके साथ ही प्रदेश सरकार द्वारा वेतन से काटी गई राशि लौटाने के लिए कहा है.
कर्मचारी को तीसरे साल में मिलती है 90% सैलरी
दरअसल, मध्य प्रदेश के सामान्य प्रशासन विभाग ने 12 दिसंबर 2019 को एक सर्कुलर जारी किया था. इसके अनुसार सरकारी नौकरी ज्वॉइन करने वाले नए कर्मचारियों को प्रोबेशन पीरियड में रखा जाता है. इस दौरान पहले साल में कर्मचारी को वेतन का 70 फीसदी, दूसरे साल 80 प्रतिशत और तीसरे साल 90 परसेंट हिस्सा मिलता है. चौथे साल से नए कर्मचारियों को पूरा वेतन मिलना शुरू होता है.
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प्रोबेशन पीरियड के नियमों में सरकार बदलाव करेगी
राज्य सरकार प्रोबेशन पीरियड के नियमों में बदलाव करने जा रही है. नए नियम और शर्तों के मुताबिक यदि कर्मचारी और अफसर प्रोबेशन पीरियड पूरा कर लेता है, तो उसे 6 महीने के भीतर नियमित करना होगा. संबंधित विभाग 6 माह के भीतर आदेश नहीं निकालता है तो उसे डीम्ड आदेश का लाभ मिल जाएगा. इस प्रस्ताव को जल्द ही कैबिनेट में पेश किया जाएगा.