MP News: एमपी में राशन वितरण व्यवस्था अपग्रेड, PDS दुकानों पर फेस आइडेंटिफिकेशन के बाद मिलेगा राशन, अंगूठा लगाना भी जरूरी

MP News: मध्‍य प्रदेश में 27 हजार 500 राशन दुकानों में पीओएस मशीनों को अब कई अत्याधुनिक फीचरों से लैस किया जाएगा.
Ration distribution rules updated

राशन वितरण नियम अपडेट

MP News: मध्य प्रदेश में राशन की दुकानों पर राशन वितरण के लिए लगी पीओएस मशीनों पर बुजुर्गों और मजदूरों के अंगूठे के निशानों का मिलान न होने के कारण राशन वितरण में होने वाली दिक्कत अब खत्म होने वाली है. प्रदेश की 27 हजार 500 राशन दुकानों में पीओएस मशीनों को अब कई अत्याधुनिक फीचरों से लैस किया जाएगा. इसमें अब चेहरा देखकर हितग्राही की पहचान की जा सकेगी और उन्हें राशन वितरण किया जा सकेगा.

मार्च में खत्म हो रहा पीओएस मशीनों का टेंडर

वर्तमान में जो पीओएस मशीनें लिंकवेल कंपनी ने लगाई हुई हैं, उसका टेंडर मार्च में समाप्त हो रहा है. दस साल से लगी हुई ये पीओएस मशीनें काफी पुरानी हो चुकी हैं और अत्याधुनिक फीचरों से लैस नहीं हैं. इन मशीनों से तुलाई मशीनें जुड़ी हुई नहीं हैं. इसके चलते बार-बार शिकायत आती है कि कम अनाज तौल कर दिया गया है. इसलिए अब जो नई पीओएस मशीनें आएंगी, उनमें वजन नापकर देने का इंतजाम भी होगा.

अनाज का ऑनलाइन रिकॉर्ड होगा दर्ज

जितना भी अनाज दिया जाएगा, उसका ऑनलाइन रिकॉर्ड रहेगा और अनाज देते समय हितग्राही को वजन भी दिखाई देगा. वहीं पुरानी मशीनों में केवल अंगूठे के इंप्रेशन से हितग्राही की पहचान कर उसे राशन दिया जाता था. इसमें बुजुर्गों के अंगूठे के निशान मशीन कई बार वेरीफाई नहीं करती थी. जो मजदूर दिन-रात काम करते हैं, काम के कारण उनके अंगूठे घिस जाते हैं. उन्हें भी पहचान न होने के कारण राशन लेने में दिक्कत जाती थी.

मशीनों के लिए टेंडर जारी

खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्रालय ने प्रदेश की सभी राशन दुकानों पर नई पीओएस मशीनें लगाने के लिए टेंडर जारी कर दिए हैं. पूरे प्रदेश भर में एक साथ मशीनों को बदलने का काम भी जल्द शुरू कर लिया जाएगा. इसके लिए विभाग जल्द ही एक ट्रेनिंग व्यवस्था को लागू करेगा. सभी राशन दुकानों के संचालकों को ट्रेनिंग में शामिल होना अनिवार्य रहेगा.

10 साल पुरानी बदलेगी कंपनी

कर्मवीर शर्मा, आयुक्त खाद्य ने बताया कि वर्तमान में पीडीएस शॉप पर लगी पीओएस मशीनें दस साल पुरानी हैं. कंपनी का टेंडर खत्म हो रहा है, इसलिए अब अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस और हितग्राहियों की समस्याओं को दूर करने वाली पीओएस मशीनें पूरे प्रदेश में लगाई जाएंगी. इसके लिए टेंडर जारी हो गए हैं. टेंडर खुलने के बाद दो से तीन महीने में ये मशीनें लगाने का काम शुरू हो जाएगा.

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