MP News: एमपी में शिक्षकों की नई ट्रांसफर पॉलिसी लागू हुए बीते चार साल, अब तक कोई अमल नहीं

MP News: स्कूल शिक्षा विभाग की नई ट्रांसफर पॉलिसी के अनुसार, नए शिक्षकों को ग्रामीण क्षेत्र में कम से कम तीन साल नौकरी करना अनिवार्य होगा. उन्हें वचन पत्र भी देना होगा. शिक्षकों को अपने पूरे सेवाकाल में 10 साल तक ग्रामीण क्षेत्रों में सेवाएं देनी होगी.
symbolic image

सांकेतिक तस्वीर

MP News: तत्कालीन शिवराज कैबिनेट ने 2 अगस्त 2022 को स्कूल शिक्षा विभाग की नई ट्रांसफर पॉलिसी को मंजूरी दी थी. ट्रांसफर पॉलिसी को कैबिनेट की मंजूरी मिले चार साल होने को है, लेकिन अब तक सरकार एक बार भी इस पर अमल नहीं कर पाई है. ट्रांसफर पॉलिसी में किए गए प्रावधान के अनुसार, हर साल शिक्षकों के तबादले की प्रक्रिया जनवरी से शुरू होगी और 30 अप्रैल तक तबादला आदेश जारी कर दिए जाएंगे और शिक्षकों को 15 मई तक नए कार्यस्थल पर कार्यभार ग्रहण करना होगा.

ट्रांसफर के लिए ऑनलाइन आवेदन चालू नहीं हुआ

पॉलिसी लागू होने के बाद एक बार भी इसमें किए गए प्रावधान के अनुसार, शिक्षकों के तबादले नहीं हुए हैं. इस साल भी अब तक स्कूल शिक्षा विभाग ट्रांसफर के लिए ऑनलाइन आवेदन लेने पोर्टल चालू नहीं कर पाया है. प्रदेश के स्कूलों में करीब 3 लाख शिक्षक पदस्थ हैं. जानकारी के अनुसार, ट्रांसफर पॉलिसी में एजुकेशन पोर्टल पर कर्मचारियों की जानकारी 15 जनवरी तक अपडेट करने की बात कही गई है. ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया की अंतिम तारीख 31 मार्च निर्धारित की गई है. इसमें तबादले के लिए ऑनलाइन आवेदन करने और आदेश भी ऑनलाइन जारी करने का प्रावधान किया गया है.

10 साल तक शिक्षकों को गांव में पढ़ाना अनिवार्य

स्कूल शिक्षा विभाग की नई ट्रांसफर पॉलिसी के अनुसार, नए शिक्षकों को ग्रामीण क्षेत्र में कम से कम तीन साल नौकरी करना अनिवार्य होगा. उन्हें वचन पत्र भी देना होगा. शिक्षकों को अपने पूरे सेवाकाल में 10 साल तक ग्रामीण क्षेत्रों में सेवाएं देनी होगी. वहीं शहरी क्षेत्रों में 10 साल तक पदस्थ शिक्षकों को ग्रामीण क्षेत्रों की शिक्षक विहीन अथवा शिक्षकों की कमी वाले स्कूलों में पदस्थ किया जाएगा. नई पॉलिसी के अनुसार, स्वैच्छिक स्थानांतरण होने पर तीन साल से पहले उस स्थान से नहीं हटाया जाएगा, जहां तबादला किया गया है.

मंत्री-विधायकों के यहां नहीं होगी शिक्षकों की तैनाती

उत्कृष्ट स्कूल, मॉडल स्कूल और सीएम राइज स्कूल में स्वैच्छिक स्थानांतरण नहीं होंगे. इसमें दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासकीय आधार पर पदस्थ शिक्षकों को अतिरिक्त प्रोत्साहन भत्ता देने और शिक्षक व प्रिंसिपल को मंत्रियों, विधायकों या अन्य जनप्रतिनिधियों की निजी स्थापना में पदस्थ नहीं किए जाने का प्रावधान किया गया है. स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि नई ट्रांसफर पॉलिसी के अनुसार, स्थानांतरण की प्रक्रिया शुरू की जा रही है और कोशिश है कि ट्रांसफर के लिए ऑनलाइन आवेदन लेने पोर्टल जल्द चालू कर दिया जाए.

ट्रांसफर पॉलिसी की क्या टाइम लाइन है?

  • नए स्कूल या संकाय के शुरू होने पर सेट अप में संशोधन 31 दिसंबर तक किया जाएगा.
  • एजुकेशन पोर्टल पर कर्मचारियों की जानकारी 15 जनवरी तक अपडेट की जाएगी.
  • रिक्त पदों का निर्धारण 31 जनवरी तक किया जाएगा.
  • रिक्त पदों की जानकारी एमपी एजुकेशन पोर्टल पर 1 मार्च तक अपलोड की जाएगी.
  • ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तारीख 31 मार्च होगी.
  • वहीं 30 अप्रैल तक तबादला आदेश जारी किए जाएंगे.
  • शिक्षकों को नए कार्यस्थल पर 15 मई तक कार्यभार ग्रहण करना होगा.

ये भी पढ़ें-MP News: महिला सशक्तिकरण योजनाओं की समीक्षा के लिए मंत्रियों की बनी टीम, निर्मला भूरिया करेंगी निगरानी

किन शिक्षकों का ट्रांसफर नहीं होगा?

तीन साल में सेवानिवृत्त होने वाले गंभीर बीमार या विकलांग और एक साल से कम की सेवा और 40 प्रतिशत या उससे अधिक निःशक्तता होने पर तबादला नहीं किया जाएगा. वहीं दूसरे विभागों में शिक्षकों को प्रतिनियुक्ति पर विशेष परिस्थिति में ही भेजा जाएगा. साथ ही स्थानांतरण में वरीयता क्रम निर्धारित किया जाएगा. इसके अलावा, रिलीव करने और जॉइन करने की कार्रवाई ऑनलाइन होंगी.

ज़रूर पढ़ें