MP में अमृत योजना पर एक्शन की बारी! गुणवत्ताहीन काम और लेटलतीफी पर 47 कंपनियां ब्लैकलिस्ट

निर्माण कार्यों में गुणवत्ता की अनदेखी, अत्यधिक देरी, अनुबंध शर्तों का उल्लंघन और कई मामलों में काम बीच में छोड़ देने पर 47 ठेकेदारों और निर्माण कंपनियों को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है.
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MP News: मध्य प्रदेश के नगरीय निकायों में अमृत 2.0 मिशन सहित विभिन्न विकास कार्यों में भारी लापरवाही सामने आने के बाद अब सरकार ने सख्त रुख अपनाया है. निर्माण कार्यों में गुणवत्ता की अनदेखी, अत्यधिक देरी, अनुबंध शर्तों का उल्लंघन और कई मामलों में काम बीच में छोड़ देने पर 47 ठेकेदारों और निर्माण कंपनियों को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है. विभाग की कार्रवाई से प्रदेश भर के ठेकेदारों में हड़कंप की स्थिति बन गई है.

‘ठेकेदारों ने घटिया सामग्री से काम किया’

नगरीय प्रशासन विभाग ने स्पष्ट किया है कि इन सभी फर्मों को भविष्य में किसी भी नगरीय निकाय में कार्य नहीं दिया जाएगा. प्रदेशभर से मिली जांच रिपोर्टों में सामने आया कि कई ठेकेदारों ने घटिया सामग्री से काम किया है. तय समयसीमा में काम पूरा नहीं किया है. रेट से कम पर ठेका लेकर काम अधूरा छोड़ा दिया है. बिड जीतने के बाद अनुबंध ही नहीं किया है. इन गंभीर अनियमितताओं के बाद विभाग ने कड़ी कार्रवाई का फैसला लिया. हालांकि केंद्र सरकार की एक रिपोर्ट बताती है कि मध्य प्रदेश में अमृत योजना के तहत कोई खास काम नहीं हुआ है.

इसके अलावा राज्य सरकार ने पैसा भी केंद्र के मुताबिक खर्च नहीं किया है. खासतौर पर दूसरे राज्य उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र में बेहतर काम हुआ है. मध्य प्रदेश का काम काफी धीमा है. यही कारण है कि पिछले दिनों मध्य प्रदेश की कैबिनेट सरकार ने 5000 करोड रुपये लोन लेने के लिए नगरीय निकायों को निर्देश दिए हैं. हालांकि भोपाल के आसपास के इलाकों में अमृत योजना का काम चल रहा है. लेकिन दूसरे जिलों में कहीं पर डीपीआर ही बन रही है, तो कहीं पर टेंडर होने के बाद ठेकेदार का इंतजार किया जा रहा है.

भोपाल से सागर तक कार्रवाई

भोपाल में वार्ड-55 अरविंद बिहार, बागमुगालिया एक्सटेंशन कॉलोनी में सड़क डामरीकरण का काम करने वाली गंगवार कंस्ट्रक्शन द्वारा गुणवत्ताहीन और विलंबित कार्य किया गया, जिस पर उसे ब्लैकलिस्ट किया गया. सागर स्मार्ट सिटी के तहत ‘री-डेवलपमेंट ऑफ एग्जिस्टिंग रोड (फेज)’ कार्य में लापरवाही पर मेसर्स लेंडमार्क विक्ट्रीवन जेवी का अनुबंध समाप्त कर काली सूची में डाला गया.

ग्वालियर नगर निगम में अमृत मिशन के कार्य समय पर पूरा न करने पर मरुति इंटरप्राइजेज को दो वर्ष के लिए प्रतिबंधित किया गया. ब्यावरा में जलप्रदाय योजना में घटिया कार्य पर मेसर्स श्री इंटरप्राइजेज को ब्लैकलिस्ट किया गया.

इन फर्मों पर की गई कार्रवाई

कई जिलों से रिपोर्ट के साथ ही एक्शन किया गया है. जांच के बाद जिन अन्य फर्मों पर कार्रवाई की गई, उनमें ये फर्म शामिल हैं.

कोलारस: वाटर बॉडी रेजुवेनेशन में लापरवाही पर आयांश कंस्ट्रक्शन

गोरमी: पार्क सौंदर्यीकरण में घटिया काम पर श्री वेंकटेश्वर इंटरप्राइजेज

तराना: न्यू भिलाई कृषि सेवा केंद्र

उन्हेल: रविन्द्र कुमार दुबे

केवलारी: एबी कंस्ट्रक्शन

सालीचौका: आरएसएम बिल्डकॉन

लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी

इन सभी पर घटिया निर्माण, अनुबंध उल्लंघन और लेटलतीफी के आरोप प्रमाणित पाए गए हैं. नगरीय प्रशासन विभाग की इस कार्रवाई को अमृत मिशन और अन्य योजनाओं में गुणवत्ता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है. विभाग ने साफ संकेत दिया है कि विकास कार्यों में लापरवाही करने वालों के लिए अब कोई नरमी नहीं होगी.

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