MP News: एमपी कांग्रेस ने भंग की मीडिया कमेटी, पार्टी के सभी प्रवक्ताओं को पद से हटाया, टैलेंट हंट से चुने जाएंगें नए चेहरे
मध्य प्रदेश कांग्रेस
MP News: मध्य प्रदेश कांग्रेस संगठन में बड़ा और अहम बदलाव करते हुए प्रदेश कांग्रेस की मीडिया कमेटी को भंग कर दिया गया है. इसके साथ ही पार्टी के सभी प्रवक्ताओं को तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त कर दिया गया. कांग्रेस के इस फैसले को संगठन में नई ऊर्जा, अनुशासन और मीडिया मैनेजमेंट को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है. प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व ने साफ किया है कि अब प्रवक्ताओं की नियुक्ति पुराने तरीके से नहीं होगी.
टैलेंट हंट प्रक्रिया से होगा नए प्रवक्ताओं का चयन
कांग्रेस नेतृत्व ने कहा कि अब टैलेंट हंट प्रक्रिया के जरिए योग्य और प्रभावशाली चेहरों को सामने लाया जाएगा. पार्टी का मानना है कि मीडिया के बदलते स्वरूप और आक्रामक राजनीतिक माहौल में वही नेता प्रवक्ता की भूमिका निभा सकते हैं, जिनमें विषयों की गहरी समझ, स्पष्ट अभिव्यक्ति और टीवी डिबेट में मजबूती से पार्टी का पक्ष रखने की क्षमता हो. इस नई व्यवस्था के तहत पार्टी ने यह भी स्पष्ट कर दिया गया है कि जो प्रवक्ता अभी कार्यमुक्त किए गए हैं, यदि वे दोबारा प्रवक्ता बनना चाहते हैं तो उन्हें भी इंटरव्यू प्रक्रिया से गुजरना होगा. यानी अब किसी को भी सिर्फ पुराने अनुभव या पद के आधार पर दोबारा जिम्मेदारी नहीं मिलेगी, बल्कि सभी को समान रूप से अपनी क्षमता साबित करनी होगी.
5 फरवरी से शुरू होगा टैलेंट हंट कार्यक्रम
कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक प्रवक्ताओं को लेकर यह टैलेंट हंट 5 फरवरी से शुरू होगा. इसमें उम्मीदवारों की राजनीतिक समझ, समसामयिक मुद्दों पर पकड़, पार्टी की विचारधारा की जानकारी, भाषा शैली, तर्क क्षमता और मीडिया के सामने प्रस्तुति जैसे बिंदुओं पर मूल्यांकन किया जाएगा. इसके बाद ही प्रदेश कांग्रेस के नए प्रवक्ताओं की सूची जारी की जाएगी. जब तक नई नियुक्तियां नहीं हो जाती, तब तक पार्टी ने अंतरिम व्यवस्था भी तय कर दी है. अब टीवी डिबेट या अन्य मीडिया कार्यक्रमों के लिए नेताओं को सीधे प्रवक्ता के रूप में नहीं भेजा जाएगा. प्रदेश कांग्रेस का मीडिया विभाग ही तय करेगा कि किस मुद्दे पर कौन नेता मीडिया के सामने पार्टी का पक्ष रखेगा. इससे पार्टी के संदेश में एकरूपता और अनुशासन बनाए रखने में मदद मिलेगी.
सरकार को घेरने वाले को मिलेगी प्राथमिकता
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह फैसला आगामी चुनावी तैयारियों और भाजपा के आक्रामक मीडिया अभियान के जवाब के रूप में भी देखा जा रहा है. कांग्रेस नेतृत्व अब ऐसे प्रवक्ता चाहता है जो सरकार को तथ्यों और तर्कों के आधार पर घेर सकें और पार्टी की बात को प्रभावी ढंग से जनता तक पहुंचा सकें. कुल मिलाकर, मध्य प्रदेश कांग्रेस का यह कदम संगठनात्मक सुधार और प्रोफेशनल राजनीति की दिशा में एक बड़ा प्रयोग माना जा रहा है, जिसके परिणाम आने वाले समय में साफ तौर पर नजर आएंगे.