MP News: BJP दफ्तर में सवालों से बचते नजर आए कैबिनेट मंत्री विजय शाह, कैमरा देखते ही गाड़ी में बैठ गए

कैबिनेट मंत्री विजय शाह के खिलाफ जो प्रकरण चर्चा में है, वह किसी सजा या दोष सिद्धि का नहीं, बल्कि कानूनी अनुमति (Sanction) से जुड़ा मामला है. मामले का मूल बिंदु विजय शाह के खिलाफ एक पूर्व घटनाक्रम/शिकायत को लेकर कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाने की मांग की गई है.
Cabinet Minister Vijay Shah (File Photo)

कैबिनेट मंत्री विजय शाह(File Photo)

MP News: राजधानी भोपाल में राजनीतिक हलचल उस वक्त तेज हो गई, जब कैबिनेट मंत्री विजय शाह बीजेपी प्रदेश कार्यालय से कैमरा देखते ही मुंह छुपाते हुए बाहर निकले. मीडिया के सवालों से बचते हुए मंत्री तेजी से गाड़ी में बैठकर रवाना हो गए. बीजेपी दफ्तर के बाहर मौजूद पत्रकारों ने उनसे सवाल पूछने की कोशिश की, लेकिन मंत्री विजय शाह किसी भी सवाल का जवाब दिए बिना निकलते नजर आए.

कर्नल सोफिया को लेकर दिया था आपत्तिजनक बयान

पूरे घटनाक्रम के दौरान उनकी जल्दबाजी और चुप्पी ने कई सियासी सवाल खड़े कर दिए. विजय शाह के खिलाफ फिलहाल मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है, लेकिन संबंधित प्रकरण में आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए मोहन सरकार को अनुमति देने पर फैसला लेना है. यह फैसला राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टि से अहम माना जा रहा है. अब सबकी नजरें मोहन सरकार के निर्णय पर टिकी हैं, जो यह तय करेगा कि आगे कार्रवाई किस दिशा में जाएगी. विजय शाह ने पाकिस्तान को लेकर कर्नल सोफिया को उनकी बहन बताया था. विजय शाह ने कहा था कि कर्नल सोफिया पाकिस्तान की बहन होकर उन्होंने सफाया कर दिया.

विजय शाह के खिलाफ मामला क्यों चल रहा है?

कैबिनेट मंत्री विजय शाह के खिलाफ जो प्रकरण चर्चा में है, वह किसी सजा या दोष सिद्धि का नहीं, बल्कि कानूनी अनुमति (Sanction) से जुड़ा मामला है. मामले का मूल बिंदु विजय शाह के खिलाफ एक पूर्व घटनाक्रम/शिकायत को लेकर कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाने की मांग की गई है. कानून के मुताबिक, किसी कार्यरत मंत्री या जनप्रतिनिधि के खिलाफ यदि उनके आधिकारिक पद से जुड़े मामलों में कार्रवाई करनी हो, तो राज्य सरकार की पूर्व अनुमति जरूरी होती है.

सुप्रीम कोर्ट में विजय शाह के खिलाफ कोई ट्रायल नहीं

विजय शाह पर कार्रवाई को लेकर मध्य प्रदेश सरकार को पहले फैसला लेना है कि कार्रवाई आगे बढ़ेगी या नहीं. वहीं सुप्रीम कोर्ट की बात करें तो अभी सुप्रीम कोर्ट में विजय शाह का कोई ट्रायल नहीं चल रहा है. संबंधित याचिका/कानूनी प्रक्रिया के संदर्भ में राज्य सरकार के फैसले पर आगे की कार्रवाई निर्भर मानी जा रही है.

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