MP News: सिंहस्थ 2028 की तैयारी, 4-एस मॉडल पर पुलिस का मंथन, तकनीक और प्रशिक्षण पर जोर
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MP News: आगामी सिंहस्थ-2028 के सुरक्षित, सुव्यवस्थित और तकनीक-सम्मत आयोजन की दिशा में मध्यप्रदेश पुलिस ने तैयारियों की औपचारिक शुरुआत कर दी है. उज्जैन स्थित ‘होटल अंजुश्री’ में आयोजित एक दिवसीय उच्च स्तरीय सेमिनार में पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भीड़ नियंत्रण, यातायात प्रबंधन, लॉजिस्टिक्स और प्रशिक्षण की रणनीति पर व्यापक मंथन किया.
सेमिनार का उद्घाटन डीजी ईओडब्ल्यू उपेंद्र जैन ने किया. उन्होंने वर्ष 2004 के सिंहस्थ के दौरान सामने आई चुनौतियों और उनसे निपटने के अनुभव साझा करते हुए कहा कि 2028 का आयोजन तकनीक के व्यापक उपयोग के बिना सफल नहीं हो सकता. उन्होंने निगरानी प्रणाली, डेटा विश्लेषण, ड्रोन और इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम जैसी व्यवस्थाओं को समय रहते विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया.
4-S मॉडल बना प्रशिक्षण की आधारशिला
सेमिनार की थीम ‘4-S मॉडल’ रह शेयरिंग, सेनिसेटेशन, सिक्योरिटी, सस्टेनेबिलिटी पुलिस उप महानिरीक्षक (विशेष शाखा) तरुण नायक ने बताया कि सिंहस्थ-2028 की पूरी प्रशिक्षण रूपरेखा इसी मॉडल पर आधारित होगी. उन्होंने कहा कि सिंहस्थ जैसे महाआयोजन में केवल बल की संख्या पर्याप्त नहीं होती, बल्कि प्रशिक्षित, संवेदनशील और तकनीकी रूप से दक्ष बल की आवश्यकता होती है.
वरिष्ठ अधिकारियों की भागीदारी
सेमिनार में एडीजी, आईजी, डीआईजी और विभिन्न जिलों के एसपी सहित कुल 52 वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए. अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (प्रशिक्षण) राजाबाबू सिंह ने सिंहस्थ के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्ययोजना प्रस्तुत की. उन्होंने बताया कि नवीन आईपीएस बैच और एएसपी/एसडीओपी स्तर के अधिकारियों के लिए अलग प्रशिक्षण मॉड्यूल विकसित किए जाएंगे, ताकि वे भीड़ एवं ट्रैफिक प्रबंधन की जमीनी चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपट सकें.
2016 के अनुभव, 2028 की चुनौतियां
- उज्जैन के पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा ने सिंहस्थ-2028 के संभावित स्वरूप और बढ़ती श्रद्धालु संख्या के मद्देनजर आवश्यक तैयारियों पर प्रकाश डाला. उज्जैन जोन के आईजी राकेश गुप्ता ने सिंहस्थ 2016 के अनुभव साझा करते हुए कहा कि आने वाले आयोजन में श्रद्धालुओं की संख्या और तकनीकी अपेक्षाएं दोनों बढ़ेंगी, इसलिए प्रबंधन भी उसी अनुरूप उन्नत होना चाहिए. भीड़ और यातायात प्रबंधन पर पैनल चर्चा
- कार्यक्रम में 2004 और 2016 के सिंहस्थ की व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए विस्तृत पैनल चर्चा आयोजित की गई. आईजी राकेश गुप्ता के संचालन में हुई इस चर्चा में सेवानिवृत्त आईजी मनोहर वर्मा, सिवनी एसपी सुनील मेहता और इंदौर के एडिशनल सीपी राजेश सिंह ने सुझाव दिए.
ये रहे चर्चा के प्रमुख बिंदु
- शाही स्नान के दिनों में भीड़ का वैज्ञानिक आकलन
- मल्टी-लेयर ट्रैफिक डायवर्जन प्लान
- हजारों पुलिसकर्मियों के ठहरने और भोजन की व्यवस्था
- इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम का सुदृढ़ीकरण
- अत्याधुनिक तकनीक और रियल-टाइम मॉनिटरिंग