MP News: अशोकनगर के जिला अस्पताल में फिर बड़ी लापरवाही, सर्जिकल वार्ड में चूहों का आतंक, मरीजों के ऊपर कूदते नजर आए
अशोकनगर के जिला अस्पताल में चूहों का आतंक.
MP News: अशोक नगर का जिला अस्पताल, जहां कभी मरीज और रिश्तेदार बेड पर शराब पार्टी करते हैं. तो कहीं प्रेमी जोड़ा रोमांस करता नजर आता है. अशोक नगर जिला अस्पताल में लगातार कोई न कोई कांड सामने आता ही रहता है. अशोकनगर जिला अस्पताल किसी न किसी वजह से हमेशा सुर्खियों में रहता है. अब जिला अस्पताल एक बार फिर चर्चा में है. जहां जिला अस्पताल में चूहों का आतंक इस कदर बढ़ गया है कि कहीं वो अस्पताल में भर्ती मरीजों के कंबल में घुस रहे हैं. तो वहीं खाने के थैले में, तो कभी तो रात होते ही मरीजों के ऊपर चढ़कर मौज कर रहे हैं. मरीज न तो खा पा रहे और ना ही सुकून की नींद ले पा रहे हैं.
मरीजों में चूहों की दहशत
मामला मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिला अस्पताल का है. जहां पर इलाज कराने आए मरीजों में इलाज की चिंता कम और चूहों की दहशत ज्यादा नजर आ रही है. चूहों ने अस्पताल के वार्डों में इतना तांडव मचाया कि रात तो छोड़िए दिन में भी मरीज और उनके परिजन चूहों को भगाते देखे जा सकते हैं. खासकर जिला अस्पताल का सर्जिकल वार्ड जो बेहद संवेदनशील और सीरियस मरीजों के लिए बना है. चूहों ने अपना कब्जा कर रखा है और जगह-जगह अपने बिल बनाएं हैं. चूहे चुपचाप अपने बिल से बाहर आते हैं और न जाने कब मरीज के कंबल या थैले में जा कर उनकी रोटी खा बैठते हैं. उन्हें भी नहीं पता ऐसे में कई बार तो मरीज अचानक घबरा जाते हैं. आलम यह है कि चूहे मरीजों के खाने-पीने का सामान भी ले जाते हैं.
रात भर मरीजों के बेड पर चूहों का तांडव
सर्जिकल वार्ड में भर्ती मरीजों का कहना है कि चूहे दिन में तो परेशान करते ही हैं. रात में भी इनका तांडव और बढ़ जाता है. रात होते ही जैसे ही माहौल शांत हुआ तो चूहे अपने बिलों से बाहर निकाल कर पूरे वार्ड में दौड़ लगाते हैं. भर्ती मरीजों के पलंग पर तो कहीं मरीजों के ऊपर छाती पर भी चढ़कर बैठ जाते हैं, जो बेहद गंभीर साबित हो सकता है.
अस्पताल की बिल्डिंग को भी कर रहे खोखला
जिला अस्पताल के अंदर वार्ड में ही चूहों का आतंक नहीं है, बल्कि जिला अस्पताल की बिल्डिंग के बाहर भी बड़ी संख्या में चूहे अस्पताल की बिल्डिंग के चारों तरफ बड़े-बड़े बिल बना रहे हैं और धीरे-धीरे बिल्डिंग को खोखला कर नुकसान पहुंचा रहे हैं.
चूहों से बचाव के पुख्ता इंतजाम नहीं
उल्लेखनीय है कि प्रदेश के कई जिलों के अस्पताल में चूहों से संबंधित घटनाओं के बाद अस्पताल में भी उनसे निजात पाने के लिए पूर्व में प्रयास किए गए. जहां चूहों को भगाने का स्प्रे किया गया और उन्हें पकड़ने के लिए पिंजरे भी लगाए गए. लेकिन उनसे निजात नहीं मिल सकी.
ये भी पढ़ें: Jabalpur: जबलपुर में 9 करोड़ की टैक्स चोरी मामला, EOW ने बस संचालकों और परिवहन कर्मचारी पर दर्ज की FIR