MP के क्लर्क और क्लास फोर्थ के कर्मचारियों से मांगी गई सालभर के कामकाज की रिपोर्ट, GAD ने ACS और PS को लिखा पत्र
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MP News: मध्य प्रदेश में कर्मचारियों के वर्क परफॉर्मेंस को लेकर बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया गया है. राज्य सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी विभागों से तृतीय और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के सालभर के कामकाज का विस्तृत ब्योरा मांगा है.
इस संबंध में विभाग ने अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और सचिव स्तर के अधिकारियों को पत्र जारी कर निर्देश दिए हैं कि वे 7 दिन के अंदर संबंधित कर्मचारियों से उनके वार्षिक कार्य का विवरण प्राप्त करें.
31 मार्च तक कार्य विवरण प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा
इसके साथ ही अधिकारियों को भी कर्मचारियों के कार्य प्रदर्शन रिपोर्ट तैयार कर सामान्य प्रशासन विभाग को भेजना होगा. पत्र के अनुसार मंत्रालय स्तर पर कार्यरत तृतीय श्रेणी वर्ग के सहायक अनुभागीय अधिकारी, सहायक ग्रेड 2, सहायक ग्रेड 3, निजी सहायक, स्टेनोग्राफर और तकनीकी कर्मचारियों को 31 मार्च 2026 से पहले अपना कार्य विवरण प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा. सामान्य प्रशासन विभाग ने स्पष्ट किया है कि कर्मचारियों का ऑनलाइन गोपनीय प्रतिवेदन अनिवार्य रूप से निर्धारित समय सीमा में उपलब्ध कराया जाए. यह प्रक्रिया पूरी तरह समयबद्ध रहेगी और किसी भी प्रकार की ढिलाई पर जवाबदेही तय की जा सकती है.
प्रमोशन वरिष्ठता नहीं, काम के मूल्यांकन के आधार पर होगा
सरकार ने संकेत दिए हैं कि भविष्य में विभागीय पदोन्नति कर्मचारियों के वास्तविक कार्य निष्पादन और प्रदर्शन के आधार पर ही की जाएगी. यानी अब प्रमोशन केवल वरिष्ठता के आधार पर नहीं, बल्कि कामकाज के मूल्यांकन के अनुरूप होगा. सूत्रों के मुताबिक, यह कदम प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने और जवाबदेही तय करने के उद्देश्य से उठाया गया है. सरकार चाहती है कि प्रत्येक कर्मचारी की भूमिका, जिम्मेदारी और उपलब्धियों का स्पष्ट रिकॉर्ड रहे, ताकि कार्य संस्कृति में सुधार हो सके. विभागीय अधिकारियों को भी निर्देशित किया गया है कि वे कर्मचारियों की कार्यप्रणाली का वस्तुनिष्ठ मूल्यांकन करें और रिपोर्ट में पारदर्शिता बनाए रखें. इससे प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है.
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