दिल्ली के डिप्टी सीएम प्रवेश वर्मा ने विधानसभा में ‘शीश महल’ के खर्चों की दिखाई लंबी लिस्ट, केजरीवाल को बताया ‘रहमान डकैत’

Delhi: दिल्ली के मंत्री प्रवेश वर्मा, अरविंद केजरीवाल के पुराने आवास के खर्चों की रसीद लेकर विधानसभा पहुंच गए. इस दौरान उन्होंने केजरीवाल की तुलना 'रहमान डकैत' से की.
Pravesh Verma

दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश वर्मा

Delhi: दिल्ली विधानसभा में बुधवार को जमकर हंगामा हुआ. दिल्ली सरकार के डिप्टी सीएम प्रवेश वर्मा ने पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के पुराने आवास के खर्चों की रसीद लेकर विधानसभा पहुंच गए. इस दौरान उन्होंने केजरीवाल के घर का न सिर्फ खर्च बताया, बल्कि उनकी तुलना ‘धुरंधर’ फिल्म के ‘रहमान डकैत’ से कर दी. उन्होंने कहा कि लोगों के तकलीफ में होने के बावजूद जनता का पैसा लूटा गया.

बुधवार को दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश वर्मा ने विपक्षी दल आम आदमी पार्टी के नेताओं पर जमकर हमला बोला. उन्होने केजरीवाल के भारी भरकम खर्च की लिस्ट दिखाई और कहा कि सरकारी आवास पर बेहिसाब पैसा खर्च हुआ. मंत्री ने कहा कि सरकार बनने से पहले वादा किया गया था कि सरकारी बंगला और सुविधाओं का लाभ नहीं लिया जाएगा. लेकिन सरकार बनते ही 20 दिनों के अंदर बदल गए और जनता गुमराह करने लगे.

शीश महल से की केजरीवाल के आवास की तुलना

प्रवेश वर्मा ने केजरीवाल के सरकारी आवास की तुलना शीश महल से की. हालांकि यह पहली बार नहीं है, जब भाजपा ने आम आदमी पार्टी को घेरने की कोशिश की है. इससे पहले भी कई बार घेर चुकी है. मंत्री प्रवेश वर्मा के अनुसार, केजरीवाल के कार्यकाल के दौरान बेहिसाब पैसा खर्च किया गया. जब प्रवेश वर्मा ने विधानसभा में खर्चों की लिस्ट पढ़ना शुरू कर दिया, तो वहां पर मौजूद विधायक खड़े हो गए और लिस्ट को एक-दूसरे को थमाते हुए आगे बढ़ाया.

58 करोड़ रुपए में बनाया महल: मंत्री

मंत्री ने केजरीवाल सरकार को घेरते हुए कहा कि कोविड महामारी के दौरान जब दिल्ली ऑक्सीजन के लिए जूझ रही थी. परिवार बेड के लिए अस्पतालों के चक्कर लगा रहे थे. उस दौरान एक फाइल पर सबसे जरूरी का निशान लगा था और वह फाइल है महल निर्माण की. केजरीवाल के सरकारी आवास की लागत को लेकर बताया कि 7 करोड़ रुपए से बढ़कर 58 करोड़ रुपए हो गई.

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बगल में बैठी रहीं सीएम रेखा गुप्ता

उन्होंने केजरीवाल को घेरते हुए कहा कि उनके महल की कीमत उस दौरान 7 से 58 करोड़ रुपए हुई. जब एक आईसीयू बेड की लागत कीमत करीब 15,000 रुपए थी. यानी कि इस पैसे से करीब 2300 से ज्यादा आईसीयू बेड बनाए जा सकते थे. मंत्री ने इस मामले को गहन जांच वाला मुद्दा बताया. इस दौरान दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता प्रवेश वर्मा के बगल में बैठी रहीं.

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