खार्ग आइलैंड: सत्ता परिवर्तन नहीं, ईरान के तेल भंडार पर है अमेरिका की नजर!
खार्ग आइलैंड पर अमेरिकी राष्ट्रपति की नजर
Kharg Island Update: मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच शुरू जंग ने अब बेहद खतरनाक मोड़ ले लिया है. अमेरिका ने ईरान पर हमला कर सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामनेई को मार दिया लेकिन फिर भी ईरान ने जवाबी हमले कम नहीं किए. ईरान ने खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिका के तमाम बेसों पर मिसाइल हमले कर उन्हें तबाह करना शुरू किया तो ट्रंप भड़क गए. अमेरिकी राष्ट्रपति ‘सत्ता परिवर्तन’ और परमाणु खतरे के बहाने ईरान पर हमला कर उस पर कंट्रोल हासिल करना चाहते थे, लेकिन ऐसा नहीं हो सका. इसके बाद ट्रंप ने अपनी रणनीति बदली है और उनका सारा फोकस उस खार्ग आइलैंड पर है, जो ईरान के तेल सप्लाई की ‘रीढ़’ रहा है.
पहले अमेरिका, वेनेजुएला के तेल पर अपना अधिकार चाहता था. लेकिन बातचीत से सहमति नहीं बनी तो अमेरिका ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति को रातों-रात उठवा लिया और वेनेजुएला के तेल भंडार पर कब्जा कर लिया. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप वेनेजुएला की तर्ज पर ही ईरान के तेल भंडार पर भी नजर बनाए हुए थे. अमेरिका को लगा कि खामेनेई के मारे जाने के बाद ईरान के तेल भंडार पर भी कब्जा जमा लेंगे. लेकिन, आईआरजीसी के हौसले के आगे ट्रंप का ये ‘ख्वाब’ पूरा नहीं होता दिख रहा है. 28 फरवरी को शुरू हुई जंग अभी भी जारी है और सत्ता परिवर्तन कराने में नाकाम रहने के बाद ट्रंप की नजर अब ईरान के खार्ग आइलैंड पर है.
खार्ग आइलैंड पर ट्रंप की नजर
ईरान ने जंग शुरू होने के बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद कर दिया है. ट्रंप के बार-बार चेतावनी देने के बाद भी ईरान मानने के लिए तैयार नहीं है. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का तोड़ निकालने के लिए ट्रंप ने खार्ग आइलैंड पर नजर रखना शुरू कर दिया. यहां से ईरान का 90 फीसदी कच्चा तेल दुनिया को निर्यात होता है. ऐसे में ट्रंप वेनेजुएला के बाद ईरान के तेल भंडार पर कब्जा कर अमेरिका का खजाना भरने की कोशिश में जुटे हैं, लेकिन ईरान ने शायद ट्रंप के मंसूबों को भांप लिया है और आइलैंड के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी है.
ईरान ने बढ़ाई सुरक्षा
खार्ग आइलैंड ईरान के किसी ‘गोल्डन डक’ से कम नहीं है. मीडिया रिपोर्ट की मानें तो ट्रंप ने आइलैंड पर जमीनी कार्रवाई करने और अपने नियंत्रण में लेने पर विचार कर रहे हैं. खबर है कि ट्रंप इस आइलैंड पर सैनिक उतारने का प्लान बना रहे हैं और उनकी इस चाल की भनक ईरान को लग गई. ईरान ने भी खार्ग आइलैंड की सुरक्षा चाक-चौबंद कर दी है. आइलैंड की सुरक्षा को कई परतों में बांट दिया है. सूत्रों की मानें, तो आईआरजीसी ने आइलैंड के चारों ओर और विशेष रूप से समुद्र तट पर भारी मात्रा में एंटी-पर्सनल’ और ‘एंटी-आर्मर’ माइन्स (बारूदी सुरंगें) बिछा दी हैं.
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खार्ग द्वीप पर कब्जा से हल होगा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का मुद्दा?
फिलहाल, ट्रंप की पूरी नजर खार्ग आइलैंड पर बनी हुई है और वह इस पर अपना कब्जा चाहते हैं. इसके लिए वे पूरी ताकत के साथ जुटे हैं. सवाल यह भी है कि क्या खार्ग आइलैंड पर कब्जा करने से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का मुद्दा हल हो जाएगा, युद्ध रुक जाएगा? वहीं कुछ लोगों का मानना है कि ट्रंप की यह चाल कहीं युद्ध को सुलझाने की जगह और भड़का न दे. फिलहाल, अभी भी तनाव की स्थिति बनी हुई है. क्योंकि दोनों देश एक-दूसरे की शर्त मानने के लिए तैयार ही नहीं हैं.